सूफी खान
गाजा और फिलिस्तीन को लेकर इजरायल और तुर्की के बीच ठन गई है। जी हां, और अब बात येरूशलम और मस्जिद-ए-अक्सा पर आ गई है। तुर्की के प्रेसिडेंट रजब तैय्यब एर्दोगान कतर पर हमले के बाद हुई दोहा समिट से ही कुछ बदले-बदले नजर आ रहे हैं। अब तक फिलिस्तीन समर्थक उन्हें प्रो इजरायल या पीठ पीछे इजरायल का साथ देनेवाला मानते थे। लेकिन दोहा में इजरायल को लेकर एर्दोगान ने जो तकरीर की है और जिस तरह से इजरायल की दुखती रग को और दबाया है, उसने इजरायल को भी दहला दिया है। जी हां, रजब तैय्यब एर्दोगान ने कहा था कि जब तक हम पूर्वी येरुशलम को नए बननेवाले फिलिस्तीन राज्य की राजधानी ना बनवा दें चैन से नहीं बैठेंगे। इसके लिए हमारा संघर्ष इजरायल से जारी रहेगा।
मुस्लिम वर्ल्ड के बेहद ताकतवर माने जानेवाले मुल्क तुर्की का इजरायल को ये खुला चैलेंज था। लेकिन बात इजरायल को इस कदर चुभ गई कि पीएम नेतन्याहू आनन-फानन में येरुशलम पहुंच गए और वहां से तुर्की के पीएम एर्दोगान का नाम लेकर कहा कि ‘मिस्टर एर्दोगान येरुशलम हमारा शहर है आपका नहीं।’ येरुशलम पिछले २,७०० साल से एक यहूदी शहर है। ये हमारी आजादी की पहचान है। नेतन्याहू ने अमेरिका के प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप का भी जिक्र कर दिया और कहा कि उन्होंने अपने पिछले कार्यकाल में ही येरुशलम को रिकॉग्नाइज कर लिया था। अमेरिका ने येरुशलम को इजरायल की राजधानी माना है और वहां पर अमेरिकी एंबेसी खोली। अमेरिका येरुशलम के मामले में इजरायल को पूरा सपोर्ट करता है।
बात यहीं रुक जाती तो भी ठीक था, इजरायल के पीएम नेतन्याहू की धमकी के कुछ देर बाद ही तुर्की से रजब तैय्यब एर्दोगान का जबाव आ गया। उन्होंने कहा कि एक ऐसे मुल्क के रूप में जिसने सदियों से इस्लाम के छाते के नीचे ४०० सालों तक येरुशलम की मस्जिद-ए-अक्सा की खिदमत करने का शर्फ हासिल किया। उसका इतिहास नेतन्याहू को ठीक से पता नहीं है। हमने यानी तुर्की ने ही येरुशलम को उसका नाम, उसका सम्मान और यहां बसने वाले लोगों में आपसी सद्भाव जगाया था और इसे अम्न की जमीन बना दिया था। दरअसल, पीएम नेतन्याहू की धमकी पर एर्दोगान, तुर्की की सल्तनत-ए-उस्मानिया का जिक्र कर रहे थे। इजरायल से पहले येरुशलम मुसलमानों के सबसे ताकतवर साम्राज्य ऑटोमन एंपायर का हिस्सा था।
तो एर्दोगान ने डंके की चोट पर इजरायल को कह दिया है कि हम १९६७ की सरहदों को मानते हैं, जिसके मुताबिक ईस्ट येरुशलम फिलिस्तीन की राजधानी बनेगा। जब तक ऐसा नहीं हो जाता हम कसम खाते हैं कि इजरायल के खिलाफ अपनी जद्दोजहद जारी रखेंगे। येरुशलम को लेकर शुरू हुई ये लड़ाई अब बढ़ती जा रही है।
