सीरिया पर मेहरबानी से अब खुली पोल
सूफी खान
जो कल तक दहशतगर्द थे। जिन पर खुद अमेरिका ने १० मिलियन डॉलर का इनाम घोषित किया था, अब वो उसी अमेरिका के लिए पाकसाफ हो गए। बड़ी खबर ये है कि अमेरिका के प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने मई में मिडिल ईस्ट दौरे के दौरान किए गए अपने वादे को पूरा कर दिया है। अमेरिका ने एलान किया कि ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन ने सीरिया के ‘हयात तहरीर अल-शाम’ को विदेशी आतंकवादी संगठन (एफटीओ) की लिस्ट से बाहर कर दिया है। ये एलान ऐसे समय पर हुआ, जब इजरायली पीएम नेतन्याहू अमेरिका के दौरे पर थे। मीडिया रिपोर्ट बताती हैं कि अल-नुसरा प्रâंट सीरिया में अल-कायदा की शाखा थी, जिसे तुर्की के सपोर्ट से सीरिया में बशर अल असद का तख्तापलट करने के लिए अबू मोहम्मद जौलानी या अहमद अल-शरा ने इसे अल-कायदा से अलग करते हुए इसका नाम हयात तहरीर अल-शाम रखा था।
अमेरिका का कहना है कि सीरिया से प्रतिबंध दुनिया के कई देशों की अपील के बाद हटाए गए हैं, जिनमें पीएम नेतन्याहू भी शामिल हैं। एक्सपर्ट कहते हैं कि ये तो होना ही था, ईरान पर हमला करने में सीरिया इजरायल की मदद कर रहा था। ये दावा खुद इजरायल डिफेंस फोर्स ने किया था। आईडीएफ के मुताबिक, ईरान पर हमला करने के लिए उसके फाइटर जेट १,५०० किमी की उड़ान भर रहे थे। दावा किया जाता है कि सीरिया की जमीन से ये जेट ईंधन लेकर ईरान की तरफ बढ़ते थे। इस तरह इजरायल के ईरान के खिलाफ ऑपरेशन `राइजिंग लॉयन’ में सीरिया या शाम की भूमिका भी अहम रही थी। एक्सपर्ट कहते हैं कि अमेरिका सऊदी और तुर्की ने सीरिया को अपने अंडर में लिया ही इसलिए है कि जरूरत पड़ने पर ईरान को सबक सिखाया जा सके। वो कहते हैं कि एचटीएस के चीफ अबू मोहम्मद जौलानी या अहमद अल शारा तो सिर्फ मोहरा हैं, असली खेल तो सऊदी, तुकी, अमेरिका और पर्दे के पीछे से इजरायल ने खेला। यही वजह रही कि सीरिया की सत्ता में आते ही अबू मोहम्मद जौलानी ने वहां मौजूद ईरान को खदेड़ा था और ये भी कह दिया था कि वो सीरिया की जमीन का इस्तेमाल इजरायल के खिलाफ नहीं होने देंगे। कहा जाता है कि अब समीकरण बिल्कुल सटीक बैठा है पीएम नेतन्याहू अमेरिका में थे और अमेरिका ने सीरिया में एचटीएस को क्लीन चिट दे दी। जबकि एक दौर में ये संगठन अलकायदा और फिर आईएसआईएस का हिस्सा हुआ करता था और खुद अबू मोहम्मद जौलानी पर अमेरिका ने १० मिलियन डॉलर का इनाम रख छोड़ा था।
अमेरिका में इजरायली पीएम नेतन्याहू से ये पूछे जाने पर कि क्या वह सीरिया के प्रेसिडेंट अहमद अल-शरा की सरकार के साथ अमेरिका के संबंधों में तेजी से बढ़ी गर्मजोशी से वो सहज हैं। तब नेतन्याहू ने कहा कि खित्ते में ईरान और उसके सहयोगियों के कमजोर होने से स्थिरता, सुरक्षा और अमन के लिए एक नए अवसर सामने आए हैं। साथ ही कहा कि दमिश्क में नई सरकार के साथ एक चैनल खोलने के लिए वह अमेरिकी प्रेसिडेंट ट्रंप की वो तारीफ करते हैं। सीरिया में एचटीएस के जरिए बशर अल असद का तख्ता पलटवाने में तुर्की और सऊदी का भी बड़ा रोल था।
