सूफी खान
९ सितंबर, २०२५ को इजरायल ने कतर पर हमला किया था। इस हमले में पांच लोग मारे गए थे। हमले को लेकर इजरायल का साफ-साफ कहना था कि हमास को निशाना बनाकर उसने ये हमला किया था। हैरानी की बात तो ये है कि इजरायल ने कतर को दोबारा इस तरह का हमला करने की भी धमकी दी थी। और तो और नेतन्याहू ने कई और मुस्लिम देशों को भी धमकी दी थी। इस तरह के हमले की कतर पर हुए हमले के बाद ही तमाम मुस्लिम देश एकजुट हो गए थे। उन्होंने इजरायल से इस हमले का बदला लेने की बात भी कही थी।
लेकिन कहते हैं कि हर दिन एक जैसा नहीं होता है। दुनियाभर के मुस्लिम देशों को धमकाने वाले नेतन्याहू को अब झुकना पड़ गया है। खबर है कि ट्रंप ने इस मामले में दखल देते हुए कतर और इजरायल के बीच बातचीत करवाई है और इस दौरान नेतन्याहू ने कतर से माफी भी मांगी है।
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान अल थानी से औपचारिक माफी मांगी। नेतन्याहू ने ये माफी दोहा में हाल ही में हुए एयरस्ट्राइक के लिए मांगी, जिसमें कतर के नागरिकों को निशाना बनाया गया था।
इस कदम को इजरायल और हमास के बीच वार्ता फिर से शुरू करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। तीनों नेताओं, इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू, कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई। इस दौरान तीन-तरफा कॉल में नेतन्याहू ने हमले को ‘गलती’ मानते हुए आश्वासन दिया कि भविष्य में इजरायली फोर्स कतर क्षेत्र पर हमला नहीं करेगा। कतर के अधिकारियों ने बताया कि शेख मोहम्मद ने कहा कि कतर की संप्रभुता और नागरिक जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
हमले के समय दोहा में हमास के वार्ता प्रतिनिधिमंडल के सदस्य मौजूद थे। व्हाइट हाउस ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए बताया कि नेतन्याहू ने हमले में एक कतर के सुरक्षा अधिकारी की मौत पर खेद व्यक्त करते हुए इसे अनजाने में हुए हादसा बताया था।
तीनों नेताओं ने अमेरिका के प्रस्तावों पर भी चर्चा की, जिसमें गाजा में युद्ध को समाप्त करने और पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ाने के उपाय शामिल थे। ९ सितंबर को हुए एयरस्ट्राइक ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अरब दुनिया में गहरा विरोध पैदा किया था। इस माफी को मिडिल ईस्ट में उपजे तनाव को कम करने और वार्ता की संभावना बढ़ाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
इजरायल ने कतर की राजधानी दोहा में ९ सितंबर, २०२५ को हवाई हमला किया था। हमले का लक्ष्य हमास के राजनीतिक नेतृत्व का मुख्यालय था। घटना के समय हमास के शीर्ष नेता गाजा में सीजफायर के प्रस्ताव पर चर्चा कर रहे थे। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हमले की जिम्मेदारी ली और कहा कि यह हमला येरूशलेम में हुए हमले का जवाब था।
इजरायली हमले में कतर के एक आंतरिक सुरक्षा अधिकारी की मौत हो गई, जबकि हमास के नेता सुरक्षित बच गए। कतर ने इस हमले को राज्य प्रायोजित आतंकवाद करार दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस घटना पर नाराजगी जताई थी। इस हमले के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है और कतर ने इजरायल के खिलाफ कड़े रुख की चेतावनी दी थी, लेकिन अब सब शांत होता दिख रहा है।
