जुईनगर, नेरुल और सानपाड़ा में दूषित जलापूर्ति
सामना संवाददाता / नई मुंबई
नई मुंबई के जुईनगर, नेरुल और सानपाड़ा इलाकों में पिछले कुछ दिनों से दूषित पानी की आपूर्ति के कारण नागरिकों का स्वास्थ्य गंभीर खतरे में पड़ गया है। स्थानीय निवासियों से लगातार मिल रही शिकायतों के अनुसार, क्षेत्र में डायरिया, गैस्ट्रो, और उल्टी-दस्त जैसी बीमारियों के मामलों में चिंताजनक बढ़ोतरी हुई है। कई परिवारों में एक साथ कई सदस्य बीमार पड़ रहे हैं, जिससे पूरे परिसर में डर और चिंता का माहौल है।
मरम्मत के बाद बढ़ी समस्या
नागरिकों का आरोप है कि मुख्य जलवाहिनियों की मरम्मत और रखरखाव के काम के बाद, पाइपलाइनों में जमा हुआ कीचड़, मिट्टी, जंग और अन्य दूषित तत्व पानी के साथ सीधे लोगों के घरों तक पहुंच रहे हैं। इसी गंदे पानी के सेवन से लोग तेजी से बीमारियों का शिकार हो रहे हैं।
मनपा आयुक्त से सख्त कार्रवाई की मांग
स्थानीय नागरिकों ने नवी मुंबई महानगरपालिका आयुक्त को पत्र लिखकर प्रभावित क्षेत्रों से पानी के सैंपल की लैब टेस्टिंग, जलवाहिनियों की नियमित रूप से सफाई, फ्लशिंग और क्लोरिनेशन ,स्वच्छ पानी की आपूर्ति शुरू करने से पहले पाइपलाइनों में फंसे गंदे पानी को पूरी तरह बाहर निकालने, प्रभावित इलाकों में टैंकरों के माध्यम से पीने का साफ पानी उपलब्ध कराने और बीमार नागरिकों के इलाज के लिए प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत स्वास्थ्य व चिकित्सा शिविर लगाने और इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
