-एक मैसेज से खुला नेवी नगर सुसाइड कांड का राज
-डबल मानसिक तनाव होने का शक
-पोस्टिंग और पारिवारिक विवाद एंगल से जांच शुरू
फिरोज खान / मुंबई
नेवी नगर में एक मैसेज ने पूरे परिवार की आत्महत्या का खुलासा कर दिया। वरना शायद कई दिन तक किसी को पता भी नहीं चलता। साउथ मुंबई के कोलाबा स्थित नेवी क्वार्टर में ३० वर्षीय नौसेना अफसर पूरनमल मेहरा ने १४ अगस्त की रात पत्नी ओमा और दो मासूम बच्चों को जहर देकर खुद फांसी लगा ली। मरने से पहले उन्होंने पिता को आखिरी मैसेज भेजा था, ‘आओ और हमारी डेड बॉडी ले जाओ।’१५ अगस्त की सुबह जब पूरनमल के परिवार ने यह मैसेज देखा तो उनके होश उड़ गए। तुरंत नेवी कंट्रोल रूम को सूचना दी गई। नेवी के अधिकारी जब पूरनमल के घर पहुंचे तो दरवाजा अंदर से बंद था। दरवाजा तोड़कर अंदर गए तो नजारा देखकर सब सन्न रह गए। पूरनमल फांसी के फंदे से लटका मिला। पत्नी ओमा और दो बच्चे ३ साल का बेटा और २ महीने की बेटी बिस्तर पर मृत पड़े थे। शुरुआती जांच में सामने आया कि बच्चों और पत्नी को पहले जहर दिया गया, फिर अफसर ने खुदकुशी कर ली।
मानसिक तनाव का शक
पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि पूरनमल मानसिक तनाव का इलाज करा रहे थे। नेवी और मुंबई पुलिस को शक है कि वे दो तरह के तनाव से गुजर रहे थे। घर में लगातार झगड़े की बात सामने आ रही है। दूसरी वजह नौसेना में पोस्टिंग से जुड़ी दिक्कतों के कारण भी माना जा रहा है।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि आखिरी मैसेज से साफ है कि घटना के पीछे घरेलू विवाद की संभावना ज्यादा है। पुलिस अब पूरनमल के परिजनों और करीबी दोस्तों से पूछताछ कर रही है।
नेवी और मुंबई पुलिस दोनों इस मामले की संयुक्त जांच कर रही हैं। मौके का पंचनामा किया जा चुका है। पड़ोसियों से भी पूछताछ हुई है जिससे कुछ अहम जानकारी मिली है। चारों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद ही मौत का सही कारण और घटनाओं का क्रम साफ हो पाएगा। सेना-नेवी में काम करने वाले जवान और अफसर मानसिक तनाव से सबसे ज्यादा जूझते हैं। पोस्टिंग, परिवार से दूरी, और काम का प्रेशर। लेकिन मदद मांगने का प्लेटफॉर्म कितना मजबूत है? एक अफसर, जिस पर देश की रक्षा की जिम्मेदारी थी, वो खुद अपने परिवार के साथ इस कदर टूट गया कि मौत को गले लगा लिया। ये सिर्फ आत्महत्या नहीं, सिस्टम पर सवाल है।
