– कथित कबूलनामे से जांच में सनसनी
-अजमेर कनेक्शन की भी पड़ताल
सामना संवाददाता / मुंबई
टीसीएस धर्मांतरण और उत्पीड़न प्रकरण में पुलिस जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए दावे और खुलासे सामने आने से मामला और गंभीर होता जा रहा है। पुलिस आरोपपत्र और जांच से जुड़ी जानकारी के अनुसार, मुख्य आरोपी बताई जा रही निदा खान ने पूछताछ के दौरान कथित रूप से स्वीकार किया है कि वह पीड़िता को अपने घर ले जाकर नमाज पढ़ने का प्रशिक्षण देती थी।
जांच एजेंसियों के अनुसार, पीड़िता के मोबाइल की फॉरेंसिक जांच में इस्लाम धर्म से संबंधित ३७ ऑडियो क्लिप्स, कई यूट्यूब लिंक और चार विशेष मोबाइल एप्लिकेशन मिलने का दावा किया गया है। जांचकर्ताओं का कहना है कि इन ऐप्स को पीड़िता के मोबाइल में किस परिस्थिति में और किसके कहने पर डाला गया, इसकी भी जांच की जा रही है।
सातवीं मंजिल का कैफे बना जांच का केंद्र
पुलिस जांच में यह भी दावा किया गया है कि कंपनी परिसर की सातवीं मंजिल पर स्थित कैफे में आरोपी पक्ष के कुछ लोग नियमित रूप से बैठकर चर्चा करते थे। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि वहां होनेवाली बैठकों का स्वरूप क्या था और क्या उनका संबंध कथित धर्मांतरण प्रयासों से था।
डिजिटल सबूतों पर टिकी जांच
जांच एजेंसियों का कहना है कि मामले में डिजिटल और तकनीकी साक्ष्यों की भूमिका महत्वपूर्ण है। मोबाइल डेटा, चैट रिकॉर्ड, ऑडियो फाइलें और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामग्री की फॉरेंसिक जांच के आधार पर घटनाक्रम को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
सवालों के घेरे में पूरा घटनाक्रम
यह मामला अब केवल एक आपराधिक शिकायत तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि इससे कार्यस्थल की सुरक्षा, धार्मिक स्वतंत्रता, महिला अधिकारों और डिजिटल प्रभाव जैसे कई गंभीर मुद्दे जुड़ गए हैं। पुलिस की अंतिम जांच रिपोर्ट और न्यायालयीन प्रक्रिया के बाद ही आरोपों की सत्यता पर अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा। फिलहाल, नासिक से लेकर राज्यभर में यही चर्चा है कि जांच के अगले खुलासे आखिर किस दिशा में जाएंगे?
जांच में सामने आया अजमेर कनेक्शन
पीड़िता के आधिकारिक बयान का हवाला देते हुए जांच में यह दावा भी सामने आया है कि एक आरोपी ने कथित तौर पर उसे अजमेर के एक मौलवी से संपर्क करने की सलाह दी थी और व्यक्तिगत परिस्थितियों का फायदा उठाने का प्रयास किया था। अब पुलिस इस कथित ‘अजमेर कनेक्शन’ की भी जांच कर रही है और यह जानने की कोशिश कर रही है कि इस मामले में बाहरी व्यक्तियों की कोई भूमिका थी या नहीं।
