मुख्यपृष्ठनए समाचार‘ईडी’ सरकार की नई करामात  ...बिल्डरों को दी भूखंड की सौगात!

‘ईडी’ सरकार की नई करामात  …बिल्डरों को दी भूखंड की सौगात!

‘एसटी’ को संवारने की कवायद शुरू ९७ साल की लीज पर दिए जाएंगे सरकारी भूखंड

सामना संवाददाता / मुंबई
पिछले कुछ महीनों से एसटी महामंडल के घाटे की चर्चा लगातार चल रही है। परिवहन मंत्री द्वारा दो महीने पहले जारी आर्थिक रिपोर्ट के अनुसार, एसटी महामंडल का संचयी घाटा अब १० हजार करोड़ रुपए से अधिक हो गया है। पिछले ५ वर्षों में इस घाटे में १२४ प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इस घाटे को खत्म करने के नाम पर एसटी महामंडल की आय बढ़ाने के लिए अब सरकार ने एसटी के तमाम भूखंड बिल्डरों को ९७ साल की लीज पर देने का पैâसला किया है।
महायुति सरकार के अधिकारियों के मुताबिक, एसटी महामंडल की आर्थिक स्थिति को मजबूती देने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।
ओला-उबर की तरह लाएगी ऐप
एसटी को और सक्षम बनाने के लिए ओला, उबर और रैपिडो जैसी निजी परिवहन सेवाओं की तर्ज पर अब महाराष्ट्र सरकार खुद का एक ऐप विकसित करने जा रही है। खास बात यह है कि इस ऐप का संचालन महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन महामंडल द्वारा किया जाएगा। हाल ही में परिवहन विभाग की बैठक में इस निर्णय पर मुहर लगाई गई है। इस नए ऐप के जरिए एसटी की यात्रा को स्मार्ट और सुविधाजनक बनाने का दावा किया जा रहा है।
एसटी महामंडल करेगा संचालित
यह ऐप पूरी तरह से एसटी महामंडल द्वारा संचालित होगा। इस ऐप के माध्यम से यात्रियों को घर बैठे बस बुकिंग, बस की लाइव लोकेशन ट्रैकिंग, समय सारणी की विस्तृत जानकारी और ग्राहक सहायता (कस्टमर सपोर्ट) जैसी सुविधाएं एक क्लिक पर उपलब्ध हो जाएंगी।

अब तक होती थी ६० साल की लीज
अब तक एसटी महामंडल की ८१ डिपो की जमीनें ६० वर्षों की लीज पर दी जाती थीं। अब इन जमीनों की लीज अवधि बढ़ाकर ९७ वर्ष कर दी गई है। इन जमीनों को नियत किराया आधार (कालबद्ध भाड़ेपट्टी) पर निजी भागीदारों को दिया जाएगा। ये जमीनें ‘ए’, ‘बी’, और ‘सी’ इस प्रकार कुल तीन श्रेणियों में बांटी जाएंगी और उनके समूह बनाकर विकास के लिए खोला जाएगा।

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