खुशबू सिंह
आज की ये खबर उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से है, जो प्यार, धोखे और क्रूरता की एक ऐसी दास्तां है कि सुनकर आपका दिल दहल जाएगा। कल्पना कीजिए, एक घर जहां पति-पत्नी का रिश्ता विश्वास की बुनियाद पर टिका होता है, लेकिन क्या होगा अगर वो ही विश्वास टूट जाए और प्यार की जगह नफरत घर कर ले? जी हां, यहां एक महिला ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने पति का अपहरण किया और फिर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। वजह? बस एक अवैध रिश्ता, जो आठ महीनों से चल रहा था। आइए, इस दर्दनाक घटना की परतें खोलते हैं और समझते हैं कि वैâसे एक छोटी सी गलती ने एक परिवार को तबाह कर दिया।
वो शाम जब सब कुछ बदल गया
बिजनौर के शांत गांव शहबाजपुर में रहने वाली पारुल (नाम बदला नहीं गया) और उसके पति मकेंद्र का जीवन बाहर से सामान्य लगता था। मकेंद्र राजस्थान में नौकरी करता था, घर आता-जाता रहता। लेकिन अंदर ही अंदर, पारुल का दिल किसी और की ओर खिंच चुका था। विनीत शर्मा नाम के एक शख्स की ओर। पुलिस की जांच से पता चला कि ये अवैध संबंध पिछले आठ महीनों से चल रहा था। मकेंद्र को जब इसकी भनक लगी, तो अपने लेवल पर छानबीन की, तो उसे पारुल के फोन में आपत्तिजनक तस्वीरें देखने को मिलीं। घर में रोज झगड़े होने लगे और पारुल के लिए मकेंद्र अब एक बाधा बन चुका था।
अपरण के बाद हत्या
१३ मार्च की वो शाम… मकेंद्र घर आया ही था कि पारुल ने उसे दवा लाने के बहाने बाहर भेज दिया। बाहर विनीत और उसके ७ दोस्त इंतजार कर रहे थे। जैसे ही मकेंद्र गांव से बाहर निकला, उन्होंने उसे कार में अगवा कर लिया। ये दृश्य सोचकर ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं। एक पति, जो अपनी पत्नी की दवा लाने जा रहा था, उसी की साजिश का शिकार बन गया। अगवा करने के बाद वे उसे अमरोहा जिले के बावनहेड़ी गांव के जंगल में ले गए। वहां विनीत ने अपनी बेल्ट से मकेंद्र का गला घोंटा और एक साथी ने लोहे की छड़ से उसके सिर पर वार किए। कितनी क्रूरता! एक इंसान का जीवन बस इसलिए खत्म कर दिया गया क्योंकि वो दो प्रेमियों के बीच आ रहा था।
कैसे खुली साजिश?
पारुल ने अगले दिन, १४ मार्च को थाने में शिकायत दर्ज कराई कि मकेंद्र शाम से गायब है। उसकी स्कूटी गांव के बाहर खड़ी मिली। लेकिन किस्मत ने पुलिस को रास्ता दिखाया। १५ मार्च को अमरोहा के जंगल में मकेंद्र का शव मिला। गले और सिर पर गहरे जख्मों के साथ। अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) राम अर्ज ने बताया कि जांच के दौरान पारुल और विनीत के संबंधों का राज खुला। दोनों को हिरासत में लिया गया और सख्त पूछताछ में पूरी साजिश बाहर आ गई। पुलिस ने न सिर्फ पारुल और विनीत को, बल्कि उनके ७ साथियों समेत कुल ९ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। घटना में इस्तेमाल की गई कार, छह मोबाइल फोन, बेल्ट और लोहे की छड़ बरामद हो गई। शव का पोस्टमार्टम भी कराया गया, जो इस क्रूर हत्या की पुष्टि करता है। सोचिए, अगर पुलिस की सतर्कता न होती तो ये साजिश हमेशा के लिए दफन हो जाती।
