सामना संवाददाता / मुंबई
विधानमंडल के बजट सत्र की पूर्व संध्या पर विपक्षी नेताओं ने एक प्रेस कॉन्प्रâेंस करके महायुति सरकार पर जमकर हमला बोला। इस दौरान शिवसेना नेता व विधायक आदित्य ठाकरे ने सरकार के कामकाज पर प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि राज्य सरकार का पूरा कामकाज दिखावे और खोखली घोषणाओं तक सीमित है। जबकि राज्य में व्यवस्था पूरी तरह चौपट हो चुकी है। उनके अनुसार, राज्य की आर्थिक और सामाजिक स्थिति लगातार गिर रही है, लेकिन सरकार वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटका रही है।
आदित्य ठाकरे ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार के भीतर ही ‘इन्प्रâा मैन’ की छवि बनाने की होड़ लगी है। उन्होंने कहा कि होड़ तो दिख रही है, लेकिन क्या ‘इन्प्रâा मैन’ राज्य में उनके द्वारा पूरा किया हुआ कोई एक इन्प्रâा परियोजना का उदाहरण दे सकते हैं?
पारदर्शी जांच करो!
आदित्य ठाकरे की मांग
विधानमंडल के बजट सत्र की पूर्व संध्या पर विपक्षी नेताओं ने एक प्रेस कॉन्प्रâेंस करके महायुति सरकार के कामकाज की बखिया उधेड़ी। इस दौरान शिवसेना नेता व विधायक आदित्य ठाकरे ने कोस्टल रोड परियोजना का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें विकास कार्यों से आपत्ति नहीं है, लेकिन यदि किसी परियोजना में अनावश्यक खर्च हो रहा है तो उसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या अजीब डिजाइन वाले पुलों और भारी खर्च वाली परियोजनाओं की पारदर्शी जांच की गई है?
मुलुंड हादसे पर सरकार घिरी
मुंबई में मेट्रो निर्माण कार्य के दौरान मुलुंड में हुई दुर्घटना का मुद्दा भी उठाया गया। आदित्य ठाकरे ने कहा कि इस हादसे में एक व्यक्ति की जान गई, वाहन दब गए, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने पीड़ितों की जान की कीमत महज पांच लाख रुपए आंक दी। उन्होंने कहा कि परियोजना की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं, फिर भी सरकार चुप्पी साधे हुए है। उन्होंने कहा कि किसान आत्महत्या गंभीर समस्या बनी हुई है, फसल बीमा का लाभ किसानों तक नहीं पहुंचा और पिछले चार वर्षों में किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ा है। ऐसी परिस्थिति में भी सरकार सदन में कामकाज को औपचारिकता की तरह चलाकर नई-नई घोषणाएं कर रही है, जिसका कोई मतलब नहीं है।
