पुलिस स्टेशन में दर्ज हो चुकी है शिकायत
सुनील ओसवाल / मुंबई
अनुशासन और संगठनात्मक मजबूती का दावा करने वाली भाजपा में अंदरूनी टकराव अब खुलकर सामने आ गया है। पुणे मनपा के प्रभाग २२ की दो महिला पार्षदों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला पुलिस स्टेशन से निकलकर सीधे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तक पहुंच गया। इस घटनाक्रम ने पार्टी की ‘अनुशासित’ छवि पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, भाजपा की पार्षद अर्चना पाटील और मृणाल कांबले के बीच पिछले कुछ समय से चल रहा मतभेद अब खुले संघर्ष में बदल चुका है। अर्चना पाटील ने आरोप लगाया है कि मृणाल कांबले ने उनका ‘मॉर्फ किया हुआ’ वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित कर उनकी छवि धूमिल करने की कोशिश की। उनका यह भी कहना है कि पुलिस आयुक्त की मौजूदगी में हुई एक बैठक के बयानों को तोड़-मरोड़कर उनके नाम से चलाया गया। इसी मामले को लेकर अर्चना पाटील ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है। पाटील का कहना है कि उन्होंने पार्टी के भीतर भी कई बार इस मुद्दे को उठाया, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका, जिसके बाद उन्हें यह कदम उठाना पड़ा। दूसरी ओर, मृणाल कांबले ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। कांबले का कहना है कि यह पूरा मामला ‘पब्लिसिटी स्टंट’ है और विकास कार्यों में बाधा डालने के लिए जानबूझकर विवाद खड़ा किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं और तथ्यों से परे हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, इससे पहले भी दोनों पार्षदों के बीच टकराव की स्थिति बनी थी, जिसे वरिष्ठ नेताओं के हस्तक्षेप से सुलझाने की कोशिश की गई थी।
