सामना संवाददाता / मुंबई
दिवाली पार्टी के लिए अपने कर्मचारियों के लिए शराब का ऑनलाइन ऑर्डर देना एक कंपनी के एडमिन हेड को महंगा पड़ गया। दरअसल, ऑनलाइन ऑर्डर के चक्कर में मुंबई के विलेपार्ले-पूर्व स्थित एक प्रमुख फिल्म कंटेंट प्रोडक्शन कंपनी के एडमिन हेड को ६.७५ लाख रुपए गंवाने पड़े। एडमिन हेड को ऑर्डर का भुगतान करने के बाद जब डिलिवरी नहीं मिली, तो उसे ठगी का अहसास हुआ। उसने विलेपार्ले पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, उसने गूगल से वाइन शॉप का संपर्क नंबर हासिल कर ऑर्डर किया। कॉल किसी अजय कुमार नामक व्यक्ति ने रिसीव किया, जो खुद को शॉप का मैनेजर बताया। चूंकि ऑर्डर की राशि ९ लाख रुपए हो रही थी इसलिए अजय ने इसकी पचास फीसदी राशि एडवांस में देने की बात कही। इसके बाद अजय ने उसको व्हॉट्सऐप पर ऑर्डर का इनवॉइस भेजा, जो असली जैसा दिख रहा था। टिन नंबर भी असली लग रहा था, इससे उसका अजय पर भरोसा हो गया और उसने ऑर्डर दे दिया।
शॉप मैनेजर ने मांगी पूरी कीमत
भावेश कुमार ने पुलिस को बताया कि ऑर्डर करने के कुछ देर बाद एक व्यक्ति का उसको फोन आया, जिसने कहा कि वाइन शॉप का जनरल मैनेजर उससे बात करना चाहता है। उस कथित जीएम ने कहा कि जब तक ऑर्डर की राशि का पूरा भुगतान नहीं हो जाता, डिलिवरी नहीं की जाएगी।
पैसे भी गए और शराब भी नहीं मिली
इससे वह भड़क गया और जीएम को ऑर्डर वैंâसिल करने को कहा, लेकिन जीएम ने २५ प्रतिशत भुगतान और बाकी डिलिवरी पर पैसे देने की शर्त रखी। इस शर्त पर वह राजी हो गया और कंपनी के खाते में २.२५ लाख रुपए ट्रांसफर कर दिया। इसके बाद उसके खाते से ४.५० लाख यानी कुल ६.७५ लाख रुपए निकाल लिए गए, लेकिन ऑर्डर डिलिवर नहीं हुआ।
