मुख्यपृष्ठखेलआउट ऑफ पवेलियन : फोड़ डाली आंख

आउट ऑफ पवेलियन : फोड़ डाली आंख

अमिताभ श्रीवास्तव

वैâसा खेल है, वैâसा जूनून है और वैâसी मानसिकता जिसमें न तो खेल है न ही कोई खेल भावना। केवल एक युद्ध है और क्रोध में भभकती हुई विरोधी को मारकर खा जाने वाली भावनाएं। जी हां अब देखिए न रगबी का खेल वैसे भी ताकत और मशक्कत से भरा होता है मगर इसमें खिलाड़ी को घायल कर देना कौनसी कला है? दक्षिण अप्रâीका के रग्बी स्टार एबेन एत्जेबेथ अपनी टीम के साथ वेल्स से भिड़ रहा था, उसकी टीम ७३-० से आगे थी कि उसे अंतिम मिनटों में रेड कार्ड दिखाया गया। खेल के अंत में कुछ विवाद हुआ, एत्जेबेथ वेल्स के खिलाड़ियों से भिड़ गया। उसे खिलाड़ी रोकते इससे पहले उसने विरोधी टीम के एक खिलाड़ी मान की आंख में अंगूठा डाल कर उसे लगभग फोड़ दिया। पागलपन के इस क्षण को जब देखा गया तो तुरंत रेफरी ल्यूक रामोस ने उसे रेड कार्ड दिखाकर बाहर कर दिया। उसने जिस तरह से हमला किया वह न केवल अमानवीय है बल्कि जानवरों जैसा था। विश्व रग्बी के नियमों में ऐसे व्यवहार के बाद खिलाड़ियों को अधिकतम चार साल का प्रतिबंध मिल सकता है, क्या अब उस पर बैन लगेगा? माना जा रहा है कि यह एक खेल में किसी हत्या की तरह था। खिलाड़ियों में धक्का-मुक्की तो होती है, अपनी -अपनी ताकत की जोर आजमाइशे भी होती हैं, मगर गुस्से में किसी खिलाड़ी पर ऐसा हमला करना खेल नियमों को तोड़ता है।
 रिंग में खून
जब बात जानलेवा खेलों की चल रही हो तो मुक्केबाजी को कौन भूल सकता है। रिंग में खून देखना मुक्केबाजी की सफलता माना जाता है। हालांकि इस खेल पर इसी वजह से बैन लगाने की बातें खूब चली मगर हुआ कुछ नहीं। आज भी मुक्केबाजी हो रही है। मौतें भी होती हैं और खून भी बह रहा है। ताजा उदाहरण है मॉली मैककेन और एबोनी कॉटन के बीच मुकाबले का। जब मॉली के मुक्कों ने पूर्व मॉडल एबोनी कॉटन को खून से लथपथ कर दिया। पूर्व यूएफसी स्टार मॉली की पिछली रात को कॉटन से भिड़ंत हुई। अपने २२ एमएमए मुकाबलों में से १४ जीतने वाली ३५ वर्षीय यह स्टार कुछ बड़े हिट के साथ रिंग में तेज दिख रही थीं। हलाकि कॉटन भी कम नहीं थी। इस मैच में कॉटन ने भी सराहनीय प्रदर्शन किया। कभी ग्लैमर की दुनिया में अपनी खूबसूरती से चार चांद लगाया करती थी कॉटन। इस मुकाबले में वह जानती थी कि मॉली से जीत पाने के लिए उसे तगड़ा मुकाबला करना होगा। उसने किया भी मगर मॉली के पंचो ने उसका सिर फोड़ दिया। खून की धार उसके पूरे चेहरे पर पैâल गई इसके बावजूद उसने मुकाबला जारी रखा। असफलता के बावजूद कॉटन ने कुछ बड़े पंच चलाए। उसका सुपर बैंटमवेट संघर्ष खरा उतरा लेकिन वह मैककेन से ५८-५६ के अंक के साथ हार गई। पर इस मुकाबले के बाद सवाल फिर उठ खड़ा हुआ कि क्या ऐसे खूनी खेल जारी रहने चाहिए?

अन्य समाचार