अमिताभ श्रीवास्तव
हैदराबाद के कप्तान ईशान किशन का एक वाक्य बहुत वायरल हो रहा है। आखिर इसमें ऐसा क्या है और ईशान ने ऐसा क्यों कहा? यह बहुत दिलचस्प है। दरअसल, आईपीएल २०२६ में धमाकेदार शुरुआत करने वाली पंजाब किंग्स की टीम अपने लय से भटक गई है। श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली पंजाब को ६ जीत के बाद लगातार तीसरी हार का सामना करना पड़ा है। टीम को ये तीसरी हार सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मिली। पंजाब के फील्डरों के द्वारा दिए मौके का फायदा उठाते हुए ईशान और क्लासेन दोनों ने सनराइजर्स के लिए अर्धशतक लगाया। अर्धशतक पूरा करने से पहले मैच में ईशान किशन को पहली बार ९ रन पर कूपर कॉनॉली ने वैâच छोड़कर जीवनदान दिया था। इसके बाद फिर १८ रन पर लॉकी फर्ग्यूसन ने मौका गंवाया, और २० रन पर प्रभसिमरन सिंह ने स्टंपिंग मिस की। इस तरह बाएं हाथ के बल्लेबाज ने आखिर में ३२ गेंदों में ५५ रन बनाए। मैच में मिले तीन-तीन जीवनदान के बाद ईशान किशन ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट पर लिखा, ‘वैâच मी इफ यू वैâन ’ बता दें कि ईशान किशन के अलावा क्लासेन को भी १३ रन के निजी स्कोर पर जीवनदान मिला था। क्लासेन का शशांक सिंह ने एक आसान सा वैâच टपकाया।
क्या चहल के साथ कोई साजिश है?
लगता तो यही है, वरना ऐसे आसान से मौके कौन छोड़ता है। जी हां, पंजाब टीम के स्पिनर युजवेंद्र चहल के साथ कोई न कोई साजिश चल रही है। बात तो यही पैâल रही है क्योंकि इसके पीछे का कारण भी सामने है। वैसे तो आईपीएल २०२६ में पंजाब किंग्स के लिए खेल रहे स्पिनर युजवेंद्र चहल अभी तक कुछ खास प्रभावी नहीं रहे हैं। मगर इसके पीछे का एक बड़ा कारण पंजाब किंग्स की घटिया फील्डिंग रही है। इस सीजन में युजवेंद्र चहल ने पंजाब के लिए लिए कुल १६ बार वैâच के मौके बनाए, जिसमें फील्डरों ने ८ वैâच छोड़े हैं। खास तौर पर पंजाब किंग्स के फील्डरों ने युजवेंद्र चहल के साथ गलत किया है। आईपीएल २०२६ में चहल ने अच्छी गेंदबाजी की है, लेकिन उन्हें ज्यादा विकेट नहीं मिल पाए। पंजाब किंग्स के प्रमुख स्पिनर चहल का आईपीएल २०२६ में गेंदबाजी की बात करें तो वह कुल १० मैचों में मैदान पर उतरे हैं, जिसमें उन्होंने सिर्फ ८ विकेट लिए। इस सीजन में उनकी अबतक की सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी ३६ रन देकर ३ विकेट लेने की है। चहल ने अपने पिछले मैच में सनराइजर्स के खिलाफ ४ ओवर में ३३ रन देकर १ विकेट लिया था। जो हो मगर चहल यदि असफल रहे हैं तो उनकी गेंदबाजी के चलते नहीं बल्कि खराब फील्डिंग और वैâच छोड़ने के चलते। सबकुछ सही होता, तो अब तक चहल के खाते में लगभग १६ विकेट होते। कहने वाले कह रहे हैं कि कहीं ये चहल को चलता करने के लिए उनके खिलाफ एक साजिश तो नहीं है।
