अमिताभ श्रीवास्तव
दुनिया में कई रोचक खेल होते हैं। इनमें पाकिस्तान ऐसा देश है, जहां ऊटपटांग खेल होते हैं। अब जैसा देश, वैसा खेल। बहरहाल, आप सोचिए अगर कोई सामने से आकर आपको थप्पड़ मारे तो गुस्से में आकर आप भी उल्टा उसे थप्पड़ मारेंगे, है न। बस यही खेल में रूपांतरित हो गया है। पाकिस्तान में इसे स्लैप कुश्ती कहा जाता है। यह पारंपरिक खेल कुश्ती का बदला हुआ रूप है। इस अजीबोगरीब गेम को पाकिस्तान में खूब पसंद किया जा रहा है। इस थप्पड़ मार कुश्ती का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। इस गेम में दो खिलाड़ी होते हैं, दोनों एक-दूसरे पर धड़ाधड़ थप्पड़ बरसाते हैं। वीडियो में नजर आ रहा है कि पहले दोनों प्रतिद्वंद्वी एक-दूसरे के गालों पर थप्पड़ मारते हैं और फिर दोनों एक-दूसरे के सीने पर जोर-जोर से थप्पड़ मारने लगते हैं। इतना ही नहीं, वीडियो में नजर आ रहा है कि एक शख्स भागते हुए थप्पड़ चला रहा है, वहीं दूसरा शख्स उसको दौड़ाकर थप्पड़ मारता नजर आ रहा है। पाकिस्तान में इस खेल को वैध माना जाता है। इस खेल में भी अंपायर होते हैं, जो मैदान में ही मौजूद होते हैं। पाकिस्तानी कबड्डी प्लेयर हाजी तसव्वुर ने इस खेल के नियम को बताते हुए कहा कि दो लोगों के बीच खेले जानेवाले इस खेल में एक खिलाड़ी दूसरे खिलाड़ी को जितना थप्पड़ मारता है, उसे उतना प्वॉइंट मिलता है। वहीं दूसरा खिलाड़ी प्वॉइंट बचाने के लिए अपना बचाव करता है। उन्होंने बताया कि इस खेल में मुक्का मारना चीटिंग माना जाता है। इसमें खिलाड़ी अपने सामने वाले खिलाड़ी पर जितना मन करे, उतना थप्पड़ बरसा सकता है।
महिलाओं को सजा, नो सेनेटरी पैड्स
यह एक तरह की सजा है और यह सजा पूरे एक देश की महिलाएं भुगत रही हैं। यानी महिला होना ही एक तरह से पाप हो चला है। आप सोच रहे होंगे कि किसी मुस्लिम देश की बात होगी क्योंकि वहीं महिलाओं पर घोर पाबंदियां होती हैं, पर ऐसा नहीं है। यह देश कोई मुस्लिम देश नहीं, बल्कि नॉर्थ कोरिया है। एक तानाशाही वाला देश। जहां सेनेटरी पैड्स बेचने या इस्तेमाल करने पर पूरी तरह बैन है। दरअसल, सरकार इन्हें विदेशी लग्जरी मानती है, जिस वजह से दुकानों में इनका मिलना नामुमकिन है। यहां महिलाएं आज भी घर पर खुद बनाए कपड़े के पैड्स का इस्तेमाल करती हैं, जिन्हें धोकर बार-बार इस्तेमाल किया जाता है। बार-बार कपड़ा इस्तेमाल करने से महिलाओं को तरह-तरह के इंफेक्शन का सामना भी करना पड़ता है। नॉर्थ कोरिया में किम जोंग उन के शासन में लोगों की जिंदगी का हर हिस्सा सरकार की अनुमति से चलता है। वहां के लोगों को कौन सा गाना सुनना है, कौन से कपड़ा पहनना है, कौन सी फिल्म देखनी है, यहां तक कि किस त्योहार पर लोग हंस सकते हैं या कब नहीं। ये सब कुछ सरकार तय करती है। इस देश में किम जोंग का ऐसा खौफ है कि जनता उसका विरोध तक नहीं कर पाती और बरसों से जुल्म भुगत रही है।
(लेखक वरिष्ठ खेल पत्रकार व टिप्पणीकार हैं।)
