द्रुप्ति झा / मुंबई
शहर में मौसमी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं और मुंबई मनपा इन्हें रोकने में नाकाम साबित हो रही है। पिछले साल के मुकाबले इस साल जनवरी से जुलाई के बीच मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया के मामले दोगुने से भी अधिक सामने आए हैं। तमाम दावों के बावजूद प्रशासन बीमारियां पैâलने से रोकने में विफल साबित हो रहा है। मनपा के स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल के शुरुआत के सात महीनों में ४,१५१ मामले सामने आए हैं, जबकि पिछले साल इसी अवधि में २८५२ मामले दर्ज किए गए थे। इससे साबित होता है कि पिछले साल के मुक़ाबले इस साल लगभग दोगुने मामले सामने आए हैं।
इसी तरह, डेंगू के मामले भी कम होने की बजाय बढ़ रहे हैं। पिछले साल डेंगू के मामले जनवरी से जुलाई के बीच ९६६ थे, जो इस साल १,१६० हो गए, सिर्फ ४२६ मामले सिर्फ १४ जुलाई के बाद सामने आए हैं। बात चिकनगुनिया की करें तो इन सात महीनों में २६६. मामले सामने आए हैं, जो पिछले साल सिर्फ ४६ थे। मानसून में अभी २ महीने और बाकी हैं और जब अब तक यह हाल है तो आगे मुंबईकरों का क्या हाल होगा, इसका ख़ुद अंदाजा लगाया जा सकता है।
