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आपदा से लोग मुश्किल में, फिर ‘ट्रिगर-ट्रिगर क्यों खेल रही सरकार?’… आदित्य ठाकरे का महायुति पर हमला

सामना संवाददाता / मुंबई

महाराष्ट्र के बड़े हिस्से में सूखे की गंभीर स्थिति के बीच अब राहत और सरकारी कार्रवाई को लेकर राजनीतिक संघर्ष तेज हो गया है। राज्य सरकार ने ३५८ में से २६५ तहसीलों में सूखा घोषित किया है। ३२ जिलों की इन तहसीलों में ‘ट्रिगर-१’ लागू किया गया है। लेकिन सरकार की इस घोषणा के बाद शिवसेना नेता, युवासेनाप्रमुख व विधायक आदित्य ठाकरे ने महायुति सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए हमला बोला है। प्रभावित इलाकों के दौरे पर पहुंचे आदित्य ठाकरे ने कहा कि जब जमीन पर दुष्काल साफ दिखाई दे रहा है और लोगों को पीने के पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है, तब सरकार ‘ट्रिगर’ के नाम पर कौन सा खेल खेल रही है। सीधे पीड़ितों की मदद करने के बजाय उन्हें शब्दों में उलझाया जा रहा है। मदद के लिए आखिर किस बात का इंतजार किया जा रहा है?
उनका आरोप है कि प्रभावित लोगों को तत्काल राहत की जरूरत है। ऐसे समय में सरकारी घोषणाओं और तकनीकी प्रक्रियाओं से आगे बढ़कर जमीन पर मदद पहुंचाना जरूरी है। सरकार ने सूखा घोषित करने के साथ फसल ऋण के पुनर्गठन, भू-राजस्व में राहत और कृषि ऋण की वसूली टालने जैसे उपायों की घोषणा की है तथा फसल नुकसान का आकलन शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
आदित्य ठाकरे ने सूखे की गंभीरता बताते हुए कहा कि यह बेहद भयावह स्थिति है। कई इलाकों में पीने के पानी का संकट गहराता जा रहा है। जिन तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित किया गया है, वहां वास्तव में सहायता कब और कितनी पहुंचेगी, यह बड़ा सवाल है। आने वाले दिनों में संकट और बढ़ने की आशंका के बीच सरकार की ठोस तैयारी क्या है, इसे स्पष्ट करने की मांग भी उन्होंने की।

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