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पॉलिटिकल स्कैंडल : जब एक नाबालिग मॉडल ने एक प्राइम मिनिस्टर की जिंदगी में तूफान ला दिया!

ई राज

दृश्य १
इटली की आर्थिक राजधानी फैशन का सबसे बड़ा केंद्र मिलान। मिलान के बाहरी इलाके में स्थित सिल्वियो बर्लुस्कोनी का आलीशान विला ‘आर्कोर’। रात का वक्त है। कमरे में हल्की रोशनी, महंगे इत्र की खुशबू और बैकग्राउंड में धीमी धुन बज रही है।
सिल्वियो सोफे पर बैठे हैं, उनके हाथ में वाइन का गिलास है। करिमा सामने खड़ी होकर उन्हें
चुनौतीभरी नजरों से देख रही है।)
करिमा: (हंसते हुए, तंज कसते हुए) ‘तो आप हैं वो… इटली के पीएम, जिनके एक इशारे पर पूरी दुनिया नाचती है? मुझे तो लगा था आप टीवी पर जितने उम्रदराज दिखते हैं, असल में उससे भी ज्यादा होंगे।’
सिल्वियो: (मुस्कुराते हुए, गिलास मेज पर रखते हैं और खड़े होते हैं) ‘खूबसूरत आंखें और उससे भी ज्यादा तेज जुबान! यही तो तुम्हारी खूबी है, करिमा। लोग मुझे सिर्फ राजनीति और संसद में उलझा हुआ देखते हैं, लेकिन वे भूल जाते हैं कि असली जिंदगी महफिलों में जी जाती है।’
करिमा: (करीब आते हुए) ‘महफिलें और वाइन का यह दौर… लेकिन क्या आपको पता है, आपके इस चकाचौंध भरे महल के बाहर क्या चल रहा है? मीडिया, पुलिस और मेरे बारे में अनगिनत अफवाहें… सबको लगता है मैं आपकी राजनैतिक बर्बादी की वजह बनूंगी।’
सिल्वियो: (उसके कंधे पर हाथ रखते हुए, आत्मविश्वास से) ‘परेशान मत होओ। इस देश में कानून, शोहरत और सत्ता, सब मेरी उंगलियों के इशारे पर चलते हैं। जब तक सिल्वियो जिंदा है, तुम्हारा कोई बाल भी बांका नहीं कर सकता।’
दृश्य २
कुछ दिनों बाद। मिलान का एक पुलिस थाना। अंधेरा कमरा, पूछताछ की टेबल। करिमा बैठी हुई है पुलिस के सामने उसके चेहरे पर हल्का सा डर और बेफिक्री का सुरूर भी है। अचानक फोन की घंटी बजती है। एक पुलिस अधिकारी फोन उठाता है और दूसरी तरफ से पीएम ऑफिस की कड़क आवाज गूंजती है। थाने से करिमा को रातों-रात रिहा कर दिया जाता है, यहीं से शुरू होता है वह राजनीतिक तूफान, जिसने इटली की नींव हिला दी। यह संवाद सिर्फ एक मुलाकात नहीं था, बल्कि उस सुनामी की शुरुआत थी जिसने इटली की राजनीति को हिलाकर रख दिया। करिमा की बेबाकी और बर्लुस्कोनी के असीमित रसूख के बीच की यह वह चिंगारी थी, जिसने आगे चलकर एक ऐसा सेक्स स्वैंâडल पैदा किया, जिसके चर्चे पूरी दुनिया में गूंजे। आरोप लगे कि पीएम ने इस नाबालिग लड़की के साथ अय्याशी की और फिर पुलिस थाने से उसे बचाने के लिए अपने पद का बेजा इस्तेमाल किया। मीडिया में भूचाल आ गया। विरोधी दल सड़कों पर उतर आए और अदालतें सज गर्इं। ऐसा लगा कि बर्लुस्कोनी का राजनीतिक साम्राज्य अब पूरी तरह तबाह हो जाएगा। निचली अदालत ने उन्हें दोषी ठहराते हुए सजा भी सुना दी।
लेकिन बर्लुस्कोनी अपने राजनीतिक दांव पेंच के लिए मशहूर थे। मामला ऊपरी अदालतों में खिंचता चला गया। सालों चली इस कानूनी जंग के बाद, अंतत: अदालतों ने उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया।

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