मुख्यपृष्ठनए समाचारइंदिरा मैराथन के विजेता बने प्रदीप और रेणुका

इंदिरा मैराथन के विजेता बने प्रदीप और रेणुका

राजेश सरकार
प्रयागराज। देश की पूर्व प्रधानमंत्री प्रियदर्शनी इंदिरा गांधी की स्मृति में उनके जन्म दिवस पर 19 नवंबर को संगम नगरी इलाहाबाद में 4 दशकों से हो रही अखिल भारतीय प्राइज मनी मैराथन दौड़ प्रतियोगिता में इस बार धावकों के बीच हुए कड़े मुकाबले में पुरुष वर्ग से प्रदीप चौहान और महिला वर्ग में रोहिणी विजेता बनी। बुधवार को हुई 40वीं अखिल भारतीय इंदिरा मैराथन में महिला और पुरुष धावक पूरे जोश के साथ दौड़े। खुशनुमा माहौल में गुलाबी ठंड के बीच मैराथन की शुरुआत हुई। धावकों को देखने के लिए खेल प्रेमियों की भीड़ मैराथन रूट पर जुटी थी। फूल बरसाकर धावकों का स्वागत किया। मैराथन में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब फिनिशिंग प्वाइंट पर पहुंचने से पहले ही चेस्ट नंबर 142 का धावक बेहोश हो गया। मेडिकल की टीम इलाज में जुट रही। धावक के आसपास काफी भीड़ लग गई। उसकी सेहत को लेकर चर्चा होती रही। इस बीच महिलाओं में हरियाणा की रेणुका पहले नंबर पर आईं। महाराष्ट्र की अश्विनी मदन जाधव दूसरे और छ: बार की चैंपियन महाराष्ट्र की ही ज्योति शंकरराव गवते इस बार तीसरे स्थान पर रहीं। रेणुका पिछले साल 2024 में दूसरे नंबर पर थीं। प्रतियोगिता के पुरुष वर्ग में प्रदीप कुमार चौहान इस बार धावकों में चैंपियन बने।  उन्होंने मैराथन काफी देर तक लीड कर रहे प्रयागराज के रोहित सरोज को पछाड़कर पहला स्थान हासिल किया। जबकि दूसरे नंबर पर ज्ञान बाबू और रोहित सरोज तीसरे नंबर पर रहे। दौड़ प्रतियोगिता में धावकों ने कुल 42.195 किलोमीटर का सफर तय किया। इसमें 509 से ज्यादा धावकों ने हिस्सा लिया। करीब 50 प्वाइंट से धावकों पर निगरानी रखी गई। मैराथन दौड़ में प्रथम पुरस्कार 2 लाख, द्वितीय पुरस्कार एक लाख और तृतीय पुरस्कार 75 हजार रुपये है। इसके अलावा 11प्रतिभागियों को 10-10 हजार रुपये का पुरस्कार दिया गया। मैराथन शुरू होने से पहले कमिश्नर और डीएम ने इसका औपचारिक उद्घाटन किया।

सबसे पहले पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। इसके बाद दौड़ शुरू हुई। कमिश्नर सौम्या अग्रवाल ने कहा कि प्रतियोगिता में सेना और पुलिस के जवान भी पूरे उत्साह के साथ प्रतिभाग कर रहे हैं। मैराथन दौड़ में हर उम्र और हर वर्ग के धावक शामिल रहे। एक दिव्यांग भी अपनी ट्राइ- साइकिल लेकर शामिल हुआ। मैराथन दौड़ में सिर्फ पुरुष ही नहीं बल्कि महिलाएं और बड़ी संख्या में बच्चे भी शामिल हुए। धावकों के साथ एंबुलेंस टीम भी पीछे पीछे चलती रही।

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