ब्रिजेश पाठक
मनपा गोरेगांव-पश्चिम में वीर सावरकर फ्लाईओवर को तोड़ने की योजना बना रही है, क्योंकि यह संरचना मुंबई कोस्टल रोड परियोजना के दूसरे चरण के रास्ते में आ रही है। इस चरण के तहत पश्चिमी उपनगरों के वर्सोवा को उत्तर मुंबई के दहिसर से जोड़ा जाएगा। यह प्रमुख फ्लाईओवर, जो २०१८ में २७ करोड़ रुपए की लागत से बनाया गया था, क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कनेक्टर माना जाता है। स्थानीय रूप से इसे एमटीएनएल फ्लाईओवर के नाम से जाना जाता है, जो पश्चिमी एक्सप्रेस हाईवे के पास रेडिसन होटल के समीप से शुरू होकर रुस्तमजी ओजोन तक पैâला हुआ है।
एमटीएनएल फ्लाईओवर २०१८ में शुरू हुआ था, जो एक दशक से अधिक समय तक योजना में रहा था। वर्तमान में यह फ्लाईओवर पश्चिमी एक्सप्रेस हाईवे से गोरेगांव और मालाड क्षेत्रों के लिए सीधा रास्ता प्रदान करता है, जिससे यात्रा का समय ४५ मिनट से घटकर १० मिनट से भी कम हो गया। ऐसे में इसके तोड़े जाने से पश्चिमी उपनगरों में भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
ध्वस्तीकरण का प्रस्ताव
मनपा के मानदंडों के अनुसार, किसी भी नए पुल की संरचनात्मक स्थिरता कम से कम २० वर्षों के लिए मानी जाती है। अधिकारियों ने बताया कि प्रस्तावित मार्ग कोस्टल रोड के एक हिस्से को आगामी गोरेगाव-मुलुंड लिंक रोड (जीएमएलआर) से जोड़ेगा। एक अधिकारी ने कहा, `जब इस फ्लाईओवर की परिकल्पना की गई थी, तब कोस्टल रोड के दूसरे चरण और जीएमएलआर के बीच कोई प्रत्यक्ष संपर्क नहीं था, क्योंकि दोनों परियोजनाएं स्वतंत्र रूप से बनाई गई थीं। संशोधित योजना के तहत इन दोनों कॉरिडोरों को जोड़ने का प्रस्ताव आया है, ताकि वाहन चालकों को पूर्व-पश्चिम सीधी कनेक्टिविटी मिल सके। इसी वजह से एमटीएनएल फ्लाईओवर इस परियोजना के मार्ग में आ रहा है और हमने इसके ध्वस्तीकरण का प्रस्ताव दिया है।’
पुल का ब्लूप्रिंट तैयार
अधिकारी ने बताया कि इसके विकल्प के रूप में एक डबल-डेकर फ्लाईओवर प्रस्तावित किया गया है जो मिंडस्पेस और डिंडोशी के बीच वाहनों की आवाजाही सुनिश्चित करेगा, जहां वर्तमान फ्लाईओवर स्थित है। पुल का ब्लूप्रिंट तैयार किया जा चुका है और इसे अंतिम मंजूरी के लिए मनपा प्रशासन को भेजा जा रहा है।
६ पैकेजों में विभाजित
– पैकेज ए: वर्सोवा से बांगुर नगर (गोरेगांव) तक ४.५ किमी
– पैकेज बी: बांगुर नगर से माइंडस्पेस (मालाड) तक १.६६ किमी
– पैकेज सी और डी: माइंडस्पेस (मालाड) से चारकोप (कांदिवली) तक ३.९ किमी लंबी जुड़वां सुरंगें
– पैकेज ई: चारकोप से गोराई तक ३.७८ किमी
– पैकेज एफ: गोराई से दहिसर तक ३.६९ किमी
अनुमानित लागत रु.२०,००० करोड़
दहिसर से आगे, मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) के भीतर भायंदर तक ५.६ किमी का एलिवेटेड कॉरिडोर को भी बनाया जा रहा है। इस पूरी परियोजना की कुल लंबाई २५ किमी होगी और इसकी अनुमानित लागत २०,००० करोड़ रुपए बताई गई है।
पूर्व-पश्चिम कनेक्टर
कोस्टल रोड के दूसरे चरण में भूमिगत सुरंगें, एक केबल-स्टे ब्रिज और वाहनों के लिए इंटरचेंज होंगे, जिनका उद्देश्य उत्तर-दक्षिण कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना है। इसके अलावा, यह कोस्टल रोड जीएमएलआर (गोरेगाव-मुलुंड लिंक रोड) से भी जोड़ेगा, जो एक पूर्व-पश्चिम कनेक्टर है और जिसे मनपा द्वारा ही निर्मित किया जा रहा है।
