सामना संवाददाता / मुंबई
लोकसभा और विधानसभा चुनावों के समय दर्ज की गई शिकायतों पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। डेथ सर्टिफिकेट जमा किए जाने के बावजूद मृत मतदाताओं के नाम अभी भी सूची में मौजूद हैं। यह भी देखने में आया है कि कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में चार से पांच मृत मतदाताओं द्वारा हर बूथ पर मतदान किया गया है। यह साफ तौर पर ‘प्रॉक्सी वोटिंग’ है और इसकी सीधी परिभाषा वोट चोरी ही है। इन शब्दों में शिवसेना नेता, युवासेनाप्रमुख व विधायक आदित्य ठाकरे ने कल चुनाव आयोग पर जोरदार हमला बोला।
‘मातोश्री’ निवास स्थान पर आयोजित पत्रकार परिषद में आदित्य ठाकरे ने मुंबई के बड़े परिवारों के मुद्दे पर कहा कि शहर में लगभग २६,५०० ऐसे घर हैं, जिनमें १० या उससे अधिक मतदाता पंजीकृत हैं। ऐसे घरों में ८,२९,००० से अधिक मतदाता दर्ज हैं। इनमें कितने असली और कितने बोगस हैं, यह पता लगाने के लिए वे डोर-टू-डोर जांच कर रहे हैं।
गंभीर विसंगति
जांच के दौरान एक गंभीर विसंगति सामने आई। चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार, १ जुलाई २०२५ के बाद एक भी नया मतदाता जोड़ा नहीं जा सकता, लेकिन इसके बावजूद ३२-३३ हजार नए मतदाता इस तारीख के बाद मतदाता सूची में जुड़ते हुए दिखाई दिए।
मतदाता सूची का स्वच्छ होना जरूरी
वर्ना चुनाव आयोग ही जिम्मेदार होगा!
आदित्य ठाकरे
की दो टूक
मतदाता सूची का स्वच्छ होना जरूरी है, वर्ना इस अव्यवस्था के लिए चुनाव आयोग ही जिम्मेदार ठहरेगा। इस तरह का जोरदार हमला करते हुए शिवसेना नेता, युवासेनाप्रमुख व विधायक आदित्य ठाकरे ने कहा कि कुछ बीएलओ स्वयं आकर कहते हैं कि हमें पढ़ना नहीं आता, मदद कीजिए। यह अत्यंत ही गंभीर मामला है और ऐसी स्थिति में चुनाव वैâसे कराया जाएगा। यह मुख्य मुद्दा है।
आदित्य ठाकरे ने संभावित डुप्लिकेट मतदाताओं की गलत सूची, वास्तविक दोहरे मतदाताओं का हटाया जाना, प्रभावी बीएलओ व्यवस्था का अभाव, ‘वन नेशन वन इलेक्शन’ की चर्चा, अपने बूथ तक ठीक से संभाल न पाना इन सभी मुद्दों पर चुनाव आयोग से कठोर सवाल पूछे। उन्होंने कहा कि मुंबई में ११ लाख नहीं, बल्कि १४ लाख डुप्लिकेट मतदाता हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी पूछा कि मास्टर लिस्ट में मौजूद न रहने वाले नामों को सूची में वैâसे शामिल किया गया। मतदान समाप्त होने से एक घंटे पहले अचानक प्रक्रिया रुक जाना और मुख्यमंत्री का नाराज दिखाई देना इन सबका संदर्भ देते हुए उन्होंने ‘वन नेशन वन पोल’ की फिर से खिल्ली उड़ाई। राज्य में मतदान प्रक्रिया के दौरान किए गए अपने निरीक्षणों का उल्लेख करते हुए आदित्य ठाकरे ने तंज कसते हुए कहा कि मतदान चल रहा था और कुछ लोग बिना किसी भाव के चेहरे के साथ बैग लेकर घूमते दिखाई दिए। इन बैगों में पैसे थे या नहीं, इसका प्रमाण तो नहीं है, लेकिन ऐसी गतिविधियां संदिग्ध हैं।
सूची में सात बार विधायक का नाम
इन संभावित डुप्लिकेट नामों में मराठी मतदाताओं, कार्यकर्ताओं और राजनीतिक प्रतिनिधियों के नाम सबसे ज्यादा हैं। आठ बार के विधायक सुनील शिंदे का नाम मतदाता सूची में सात बार दर्ज है और हर नाम में अलग-अलग उम्र, पता और फोटो है। पूर्व महापौर श्रद्धा जाधव और कांग्रेस विधायक ज्योति गायकवाड के नाम भी इसी तरह दोहराए गए हैं।
शिवसेना ने दर्ज कराई ४,००० आपत्तियां
शिवसेना ने पिछले कुछ दिनों में मुंबई के २७० वार्डों में ३,००० से ४,००० आपत्तियां दर्ज की हैं। पूरी प्रक्रिया बेहद जटिल है, फिर भी उन्होंने काम पूरा कर लिया है।
