संदीप पांडेय / मुंबई
११ वर्षीय बालिका पिछले ११ वर्षों से दुर्लभ जन्मजात कान के दोष से पीड़ित थी। जन्म से ही उसके कान में बाहरी और मध्य कर्ण की संरचना असामान्य थी, जिसके कारण उसकी सुनने की क्षमता प्रभावित हो रही थी। स्थानीय डॉक्टर से परामर्श के दौरान परिवार को कुर्ला स्थित क्रिटिकेयर एशिया मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के वरिष्ठ ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. संजय हेलाले के बारे में जानकारी मिली।
बालिका के पिता अपनी बेटी की तकलीफ को लेकर बेहद चिंतित थे। कई डॉक्टरों से राय लेने के बाद उन्होंने अंतत: डॉ. हेलाले से संपर्क किया। जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि बालिका के दोनों कानों में गंभीर श्रवण समस्या है और सर्जरी ही इसका समाधान हो सकता है। परिवार के लिए यह निर्णय आसान नहीं था। चेहरे की नसों पर असर या सर्जरी असफल होने जैसी संभावित जटिलताओं ने उन्हें आशंकित कर दिया था, लेकिन बेटी के बेहतर भविष्य के लिए उन्होंने साहसिक कदम उठाया।
डॉ. संजय हेलाले ने ‘वैâनालोमेटोप्लास्टी विद ऑसिकुलोप्लास्टी’ नामक जटिल शल्यक्रिया करने का निर्णय लिया। इस ऑपरेशन में अत्यधिक कौशल और सूक्ष्मता की आवश्यकता थी। सर्जरी सफल रही और आश्चर्यजनक रूप से बालिका ने ऑपरेशन के दिन से ही सुनना शुरू कर दिया। यह क्षण परिवार के लिए अविस्मरणीय बन गया। दो महीने बाद बालिका का आत्मविश्वास लौट आया। उसकी पढ़ाई-लिखाई में उल्लेखनीय सुधार हुआ और अब वह सामान्य बच्चों की तरह विद्यालय में सक्रिय भागीदारी कर रही है।
बालिका के पिता ने अपनी खुशी और कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि डॉ. संजय हेलाले ने हमारी बेटी का जीवन बदल दिया। आज वह सामान्य बच्चों की तरह पढ़ाई कर रही है और उसका प्रदर्शन बेहद अच्छा है। हम डॉक्टर साहब और उनकी पूरी टीम के आभारी हैं। बालिका और उनके माता-पिता ने डॉक्टर और उनके स्टाफ को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनकी मेहनत और संवेदनशील देखभाल ने बेटी की दुनिया ही बदल दी।
डॉ. संजय हेलाले का कहना है कि रोगी की संतुष्टि ही सबसे बड़ा प्रमाण है। उनकी मुस्कान हमारे लिए असली उपलब्धि है। यह मामला इस बात का उदाहरण है कि समय पर विशेषज्ञ चिकित्सा और सटीक शल्यक्रिया किस तरह से किसी मरीज का भविष्य पूरी तरह बदल सकती है।
