बुलाकी शर्मा राजस्थान
भगवान रामलला जी रै मिंदर में चोरी रै समंचारां सूं दुखी रामभगत हड़मान आपरै घरै मिंदर में बिराजमान रामदरबार नैं निरखतो मनोमन विलाप कर रैयो है पण भगवान राम सम्मोहक मुळक बिखेर रैया है।
रामजी री मुळक सूं भाव-विभोर हड़मान रै हियै में अचाणचक राम मिंदर कार सेवा अर मिंदर निर्माण सारू चंदो लेवणिया भाईजी रो नांव पळपळाट करियो।
रामजी नैं दंडोत कर’र बजरंग बळी उनमान पवन-वेग सूं बो भाईजी कनै जा पूग्यो। बे आपरी पैâक्टरी रै ऑफिस में ईजी चैयर माथै बिराज्योड़ा स्हैर रा च्यार-पांच मौजीज लोगां नैं राष्ट्र भगती रो पाठ पढ़ा रैया हा।
हड़मान नैं ‘जै सिरीराम’ वैâयनै भाईजी पाछा राष्ट्र भगती में लागग्या पण हड़मान बिचाळै ई बोल्यो, ‘अजोध्या नगरी में भगवान रामजी रै मिंदर में भगतां रै चढावै मांय सूं करोड़ूं री चोरी हुयगी है। चौकीदार ई चोर है भाईजी। आपांरी भगती भावना, आस्था, श्रद्धाभाव री चोरी करणियां राखसां नै फांसी री सजा हुवणी चाइजै।’ ‘आरोपी अबै जैळ में है बंधु। चिंत्या ना करो।’ ‘पकड़ीजणियां तो माखी-माछर है, मगरमच्छ तो खुला घूम रैया है।’ हड़मान रीस में हो, ‘आपांनैं आं रै खिलाफ जुलूस, धरणो-प्रदर्शन करणो चाइजै। ‘मिंदर वहीं बणायेंगे’ आह्वान साथै आपरी लीडरी में स्हैर में करीज्योड़ो आंदोलन म्हनैं चेतै है।’
‘अबै रामललाजी रो मिंदर बणग्यो नीं बंधु,’ भाईजी समझायो, ‘अठै सूं अजोध्या सारू प्रâी बसां चलाईजी। आप ई आपरी धर्मपत्नीजी साथै पधारिया हा।’ ‘रामललाजी री छिब म्हारै चित्त में बसियोड़ी है भाईजी। जियां पैला आंदोलन करियो, बियां ई आं अधर्मियां नैं कड़ी सजा दिरावण सारू आंदोलन कर’र सीबीआई जांच री मांग करो। म्हे आपरै साथै हां भाईजी।’
‘शासन अर प्रशासन कड़ी कार्रवाई करण में लाग्योड़ा है जणै आपांनै आंदोलन करण री अबै जरूरत कोनी।’ ‘पण लारलै साल आपरै घरै लाखूं रा जेवरात अर रोकड़ा चोरी हुया जणै चोरां नैं बेगा पकड़न सारू आप जुलूस निकळवाया। अबै रामजी रै घरै डकैती हुई है, फेर ई जुलूस कै धरणो-प्रदर्शन नीं करणो चावो?’
हड़मान री बात सूं रीस में भाईजी री आंख्यां लाल टमाटर बणगी पण खुद नैं कंट्रोल राख्यो, ‘घरै चोरी हुवै जणै चोरां नैं पकड़ावण सारू खुद रै स्तर माथै जुळूस निकाळ सकां पण राम मिंदर चोरी नैं लेय’र ऊपर सूं निर्देश आयां ई जुळूस वैâ धरणो-प्रदर्शन कर सकां।’
‘रामजी सूं ई ऊपर कुण है भाईजी?’ रीसां बळतो हड़मान ओ वैâय’र बारै निकळग्यो, ‘म्हैं अेकलो ई चोरां रै खिलाफ आवाज बुलंद करसूं। आप ऊपरलां रै निर्देशां नैं उडीकता रैवो।’
