एक पिता का सपना, अपने बेटे को आईएएस बनते देखना, कितना पवित्र होता है! लेकिन मुंबई की चकाचौंध में छिपे ठगों ने इस भावना को ही हथियार बना लिया। मालवणी इलाके के होटल कारोबारी इरशाद खान को `आपके बेटे को आईएएस बनवा दूंगा, भरोसा रखें’ कहकर झांसे में लेकर ६० लाख रुपए ठग लिए गए। ये कहानी सिर्फ पैसे की नहीं, एक परिवार की टूटी उम्मीदों की है, जहां बार-बार फेल होने वाला बेटा अब भी सपनों की उड़ान भरना चाहता था। हे समाज, जागो! ऐसे ठगों के जाल में फंसकर नौजवानों के भविष्य को दांव पर मत लगाओ। मेहनत ही असली कुंजी है, रिश्वत नहीं!
कैसे शिकार बना एक पिता?
इरशाद खान का बेटा आईएएस की तैयारी कर रहा था, लेकिन हर बार असफलता हाथ लगी। पिता का दर्द देखकर मुख्य आरोपी याकूब शेख ने मौका सूंघा। खुद को आईएएस का वरिष्ठ अधिकारी बताकर उसने इरशाद से दोस्ती गांठी, फिर अपने साथी विजय चौधरी को दिल्ली यूपीएससी आयोग का बड़ा अफसर बता इंटो्रडक्ड किया। मोबाइल कॉल्स, होटल मीटिंग्स और मीठी-मीठी बातों से खान परिवार का भरोसा जीत लिया। `मुस्लिम होने की वजह से एक्स्ट्रा पैसे लगेंगे, री-चेकिंग फीस, पास कराने का चार्ज’ -बहाने पर बहाने, कैश और ऑनलाइन ट्रांसफर से ६० लाख वसूल लिए। इरशाद ने अपनी होटल की कमाई, कर्ज तक लेकर दिए, सोचकर कि बेटे का भविष्य संवर जाएगा। लेकिन रिजल्ट आया जीरो! बेटा फिर फेल, सपने चूर-चूर। जब धोखे की परतें खुलीं तो इरशाद की आंखों में आंसू और गुस्सा दोनों थे, `मेरा बेटा मेहनती है, लेकिन इन ठगों ने हमें बर्बाद कर दिया!’
पुलिस ने लिया एक्शन
पुलिस में शिकायत के बाद एक्शन हुआ। मालवणी पुलिस ने आईपीसी सेक्शन ४२० (ठगी), ३४ (सामान्य इरादा) के तहत केस दर्ज किया। याकूब शेख को जाल बिछाकर पकड़ लिया, लेकिन विजय चौधरी फरार है। पुलिस का कहना है, `ये गिरोह का काम लगता है और भी विक्टिम्स हो सकते हैं।’ जांच में सामने आया कि ऐसे प्रâॉड पूरे देश में पैâले हैं।
एनसीआरबी डेटा के मुताबिक, २०२४ में एजुकेशनल ठगी के ५,००० प्लस केस दर्ज हुए, ज्यादातर यूपीएससी जैसी परीक्षाओं से जुड़े। विशेषज्ञ चेताते हैं, यूपीएससी जैसी संस्था कभी पैसे नहीं मांगती, मेहनत और कोचिंग ही रास्ता है।
यह घटना दिल झकझोरती है। एक पिता की मेहनत की कमाई स्वाहा, बेटे का आत्मविश्वास डगमगाया। इरशाद आज कहते हैं, `मैंने सपना देखा था, लेकिन ठगों ने सब छीन लिया।’ मजबूत संदेश ये है कि पैरेंट्स, बच्चों को मेहनत सिखाओ, शॉर्टकट से बचो! पुलिस हेल्पलाइन १०० पर कॉल करो, साइबर सेल चेक करो। सरकार को सख्त कानून बनाने चाहिए, ताकि सपनों के सौदागर जेल में सड़ें। मेहनत से बनो आईएएस, ठगी से नहीं। ये सीख हर घर तक पहुंचे, वरना कितने इरशाद टूटेंगे?
