-सोमनाथ केकाण और अभय जाधव के निलंबन प्रस्ताव पर सदन में जोरदार हंगामा
सामना संवाददाता / नई मुंबई
शहर के विकास, नागरिक सुविधाओं और लंबित समस्याओं पर ठोस पैâसले लेने के बजाय नई मुंबई महानगरपालिका की महासभा अधिकारियों के निलंबन को लेकर अखाड़ा बन गई। नगररचना सहायक संचालक सोमनाथ केकाण और विधि अधिकारी अभय जाधव के निलंबन प्रस्ताव पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर टकराव हुआ। विपक्ष ने आरोप लगाया कि सत्ताधारी विकास कार्यों को गति देने के बजाय हर महीने किसी न किसी अधिकारी के निलंबन का मुद्दा उठाकर प्रशासनिक कामकाज प्रभावित कर रहे हैं।
सत्ताधारी पक्ष ने केकाण की प्रतिनियुक्ति तत्काल समाप्त कर उन्हें मूल विभाग में वापस भेजने और कार्यमुक्त होने तक निलंबित रखने का प्रस्ताव रखा। इससे पहले भी उनके निलंबन का प्रस्ताव पारित हुआ था, जिसे राज्य सरकार ने खारिज कर दिया था। इसके बावजूद दोबारा वही प्रस्ताव लाने पर विपक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई। विधि अधिकारी अभय जाधव को जांच अधिकारी द्वारा दोषमुक्त किए जाने के बावजूद उनके निलंबन का प्रस्ताव पारित किए जाने से भी सदन में हंगामा हुआ।
नगरसेवक द्वारकानाथ भोईर और शिवराम पाटील ने सवाल उठाया कि कारण बताओ नोटिस और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के बिना अधिकारियों पर कार्रवाई करना उचित नहीं है। गुटनेता मनोज हलदणकर ने अवनी और नैवेद्य प्रकरण सहित शहर की समस्याओं का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि निलंबन की राजनीति से विकास कार्य ठप हो रहे हैं।
दूसरी ओर, सत्ताधारियों ने नगररचना विभाग में कथित अनियमितताओं, आरक्षित भूखंडों, सड़कों और विकास योजना के प्रावधानों को दरकिनार कर निर्माण मंजूरियां देने का आरोप लगाया। उपमहापौर दशरथ भगत ने कहा कि ऐसे अधिकारियों को संरक्षण देना शहर के हित में नहीं है।
