मुख्यपृष्ठस्तंभसब मसाला है : पाकिस्तानी द ग्रेट, न नहाते हैं न कपड़े...

सब मसाला है : पाकिस्तानी द ग्रेट, न नहाते हैं न कपड़े धोते हैं!

श्रीकिशोर शाही

पाकिस्तान का हाल भी अजीब है। एक प्रॉब्लम से बाहर निकलता भी नहीं कि दूसरा सवार हो जाता है। वह एशिया कप हार कर भी खुश है, क्योंकि ट्रॉफी तो उसके पास ही है। कितने जहाज गिरे, कहां गिरे? किसी को नहीं पता, पर हारिस रऊफ मैदान पर छह का इशारा करने से नहीं चूके। रेयर अर्थ मटेरियल का कहीं अता-पता नहीं, पर मुनीर एंड कंपनी थाली में ट्रंप को चूरन परोस आई। उसी तरह क्रूड ऑयल का भी पता नहीं, पर जब जुबान से ही तेल निकालना है तो निकालो अरबों टन। खाने को आटा नहीं पर तेवर ‘तीरंदाज’ जैसे। जब भी कहीं कोई कमी होती है, पाकिस्तान और पाकिस्तानी परमाणु बम से अपना पेट भर लेते हैं। ५७ मुल्कों में एक वही है जो फटेहाल है, पर परमाणु बम से लैस तो है। अब परमाणु बम से तो दाढ़ी बनाई नहीं जा सकती। सुनने में आया है कि पाकिस्तान में दाढ़ी बननेवाली रेजर की किल्लत हो गई है। बाजार में साबुन और शैंपू की भी भारी कमी हो गई है। इसका कारण है, इनका निर्माण करनेवाली सबसे बड़ी कंपनी ‘पीएंडजी’ (प्रॉक्टर एंड गैंबल) का पाकिस्तान को गुडबाय कर देना। जी हां, इस मल्टीनेशनल कंपनी ने पाकिस्तान में अपना धंधा समेट लिया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान से बहुराष्ट्रीय कंपनियों के जाने के पीछे बिजली की ऊंची लागत, कमजोर बुनियादी ढांचा और आर्थिक चुनौतियां हैं। गत दो वर्षों में शेल, फाइजर, टोटल एनर्जी, माइक्रोसॉफ्ट और टेलीनॉर जैसी शीर्ष कंपनियों ने पाकिस्तान को गुड बाय कह दिया है। इस घटनाक्रम के बाद कई पाकिस्तानियों ने सोशल मीडिया पर साबुन और पर्सनल केयर जैसी जरूरी चीजों की कमी को लेकर अपनी चिंता जाहिर की है। एक यूजर ने पाकिस्तानियों की बेबसी का मजाक उड़ाते हुए लिखा, ‘प्रॉक्टर एंड गैंबल के प्रवक्ता : पाकिस्तानी नहाते नहीं, कपड़े कम धोते हैं और इस वजह से व्यापार प्रभावित हो रहा है!’ लाहौर के एक यूजर ने लिखा, ‘मुझे प्रॉक्टर एंड गैंबल का ये मूव समझ में नहीं आ रहा है। २४ करोड़ पाकिस्तानियों को अभी भी साबुन, डिटर्जेंट और शेविंग क्रीम की जरूरत है।’ पीएंडजी ने १९९१ में पाकिस्तानी बाजार में एंट्री की थी और जल्द ही पाकिस्तान की टॉप कंज्युमर गुड्स कंपनियों में से एक बन गई थी। हेड एंड शोल्डर्स, पैंटीन, टाइड, ओरल-बी, जिलेट, ओल्ड स्पाइस, एरियल जैसे ब्रांड वहां घरेलू नाम बन गए। मगर अब ‘पीएंडजी’ की विदाई बताती है कि ट्रंप भले ही स्वार्थवश इस देश को महान बता रहे हों, पर असल में यह पूरी तरह से खोखला होता जा रहा है।

अन्य समाचार