मुख्यपृष्ठनमस्ते सामनाऋतुचक्र : अब ले कटौतिया करावइ रे बीएमसी

ऋतुचक्र : अब ले कटौतिया करावइ रे बीएमसी

सुरेश मिश्र

सावन बीत गया, भादौं बीत गया, मगर अब भी मानसून है कि थमने का नाम नहीं ले रहा है। वर्षा का पिछले कई दशकों का रिकॉर्ड टूट गया। महाराष्ट्र के शहरों को पानी सप्लाई करनेवाली तमाम झीलें कब की ओवरफ्लो होकर बह रही हैं, मगर मुंबई और मीरा-भायंदर मनपा अब भी पानी कटौती जारी रखे हैं। कभी कोई बहाना तो कभी कोई। पब्लिक परेशान है। चाल में तो बरसात का पानी इकट्ठा करके कपड़े धो लेते हैं, मगर इमारतों वाले दुखी हैं। इस बार परेशान जनता ने खत लिखा-
भरि गइली झिलिया, बहत बाटइ नरिया हो
नलिया म पनिया न आवइ रे बीएमसी
लइके कठौती रोकी, ओरिया क पनिया हम
अब ले कटौती ई करावइ रे बीएमसी
दशक-दशकवा से ज्यादा पानी बरसल
इंद्र जी क मेहरबानी मनमानी बरसल
एतनउ पे मनई पियासा बाटइ बाबू आजु
हमरी समझ नाहीं आवइ रे बीएमसी
मीरा रोड भरि गइला, डूबि गइली मुंबई
पनिया से झिलिया सब देखा ओवरफ्लो भई
बनल बा प्रशासन, दुशासन बतावा काहें
कटौती से जिया न छोड़ावइ रे बीएमसी
टैंकर क पनिया अलेल बाटइ बपई
कहंवां से आवइ, केकरा खेल बाटइ बपई
नल म न आवइ पानी, टैंकर क मनमानी
केकरा क खेल चलावइ रे बीएमसी
पनिया जउ एतना बरसि गइला बदरा
फिर भी चढ़ाए हउवें भाऊ काहें मदिरा
टंकियां भराए नाही, चदरा धोवाए नाहीं
कवन-कवन दिनवां देखावइ रे बीएमसी
पनिया से पानी-पानी बाटइ पूरा देशवा
मगर मीरा-मुंबई क कटइ न कलेशवा
मोती-मानुष-चुनवा क पनियां उतरि जाई
फिनि से उबरि नाहीं पावइ रे बीएमसी

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