सामना संवाददाता / मुंबई
संयुक्त महाराष्ट्र के संघर्ष में खून बहाकर मुंबई हासिल करने वाले मिल मजदूरों को धारावी में ही घर दो और अडानी को शेलू, वांगणी भेजो, ऐसे तीखे शब्दों में शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने कल राज्य सरकार को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने आंदोलनकर्ता मजदूरों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि मिल मजदूरों को मुंबई में ही उनके हक का घर मिलना चाहिए और इस मांग के लिए शिवसेना पूरी तरह उनके साथ है। मिल मजदूरों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसके खिलाफ शिवसेना सड़क पर उतरकर लड़ाई लड़ेगी।
‘महायुति’ सरकार पर
मजदूरों का हल्ला बोल!
नहीं दी थी अनुमति
फिर भी निकाली रैली
मिल मजदूरों को मुंबई में ही घर दिलाने की मुख्य मांग को लेकर मिल मजदूर संयुक्त संघर्ष समिति द्वारा कल आजाद मैदान तक लॉन्ग मार्च निकाला गया। इस अन्याय से पीड़ित हजारों मिल मजदूरों और उनके वारिसों ने इस आंदोलन में भाग लेकर सरकार का विरोध किया। इस दौरान शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने आंदोलनकारी मिल मजदूरों से मुलाकात कर उन्हें मार्गदर्शन भी दिया। सरकार की ओर से मिल मजदूरों के लॉन्ग मार्च को अनुमति नहीं दी गई थी, फिर भी वे बड़ी संख्या में जमा हुए और सीधे आजाद मैदान तक पहुंच गए।
आंदोलनकारियों ने ‘नहीं वांगणी, नहीं शेलू, मुंबई में ही घर दो!’ के नारे लगाए। इस मौके पर शिवसेना नेता, युवासेनाप्रमुख और विधायक आदित्य ठाकरे, शिवसेना सांसद अरविंद सावंत, विधायक व राष्ट्रीय मिल मजदूर संघ के अध्यक्ष सचिन अहिर, मनसे नेता बाला नांदगांवकर, राष्ट्रवादी कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष जयंत पाटील, जितेंद्र आव्हाड, कॉमरेड प्रकाश रेड्डी, मिल मजदूरों के नेता उदय भट और १४ मजदूर संगठनों के पदाधिकारी भी उपस्थित थे।
मुंबई से बाहर फेंकने की साजिश
उद्धव ठाकरे ने कहा कि विकास के नाम पर धारावीवासियों को अयोग्य ठहराकर उन्हें मुंबई से बाहर किया जा रहा है। अब तक जिस पर किसी की नजर नहीं थी, वह धारावी अडानी की झोली में डाल दी गई। मुंबई की १,६०० एकड़ जमीन अडानी को दे दी गई। साल्ट पैन क्षेत्र, देवनार डंपिंग ग्राउंड भी अडानी को दे दिए गए।
पुलिस-सफाई कर्मियों को भी घर दो
मिल मजदूरों की आज दूसरी, तीसरी पीढ़ी है। बंद हुई मिलों की सोने जैसी जमीनें मिल मालिकों की झोली में डाल दी गर्इं और मजदूरों के सिर पर टॉवर खड़े कर दिए गए, ऐसा जोरदार हमला भी उद्धव ठाकरे ने किया। उन्होंने कहा कि अडानी को शेलू, वांगणी, देवनार डंपिंग ग्राउंड पर टॉवर बनाने दो, लेकिन मिल मजदूरों को धारावी, कुर्ला डेयरी की जमीन दो। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस और सफाई कर्मचारियों को भी मुंबई में उनका हक का घर मिलना चाहिए।
