मुख्यपृष्ठनए समाचारदादर स्टेशन पर शर्मनाक लापरवाही ...२० मिनट तक तड़पता रहा घायल यात्री!

दादर स्टेशन पर शर्मनाक लापरवाही …२० मिनट तक तड़पता रहा घायल यात्री!

हाई अलर्ट में भी सोई रही रेलवे पुलिस
सामना संवाददाता / मुंबई
दादर स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर ११ पर बुधवार को हुई दर्दनाक घटना ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। एक यात्री लोकल ट्रेन से गिरकर बुरी तरह ज़ख्मी हो गया। लहूलुहान हालत में वह प्लेटफॉर्म पर तड़पता रहा, लेकिन २० मिनट तक कोई पुलिस वाला दिखाई नहीं दिया।
घटना के दौरान यात्रियों ने जोर-जोर से चिल्लाकर मदद मांगी, लेकिन स्टेशन परिसर में मानो सब कुछ बहरों की तरह चल रहा था। न कोई अनाउंसमेंट, न कोई त्वरित एक्शन। आखिरकार जब जनता ने हंगामा किया, तब जाकर स्टेशन पर अनाउंसमेंट हुआ और कुछ कर्मचारी मौके पर पहुंचे। सबसे बड़ी विडंबना यह रही कि यह घटना ऐसे समय पर हुई जब दिल्ली ब्लास्ट के बाद मुंबई के सभी प्रमुख स्टेशनों पर हाई अलर्ट घोषित किया गया है। इसके बावजूद दादर जैसे भीड़भाड़ वाले स्टेशन पर सुरक्षाकर्मियों का नदारद रहना गंभीर सवाल खड़े करता है। आखिर रेलवे सुरक्षा केवल कागजों तक ही सीमित है क्या? प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अगर समय पर मदद मिल जाती तो घायल व्यक्ति की हालत इतनी खराब नहीं होती। एक महिला यात्री ने गुस्से में कहा कि रेलवे पुलिस सिर्फ दिखावे के लिए घूमती है, असली वक्त पर कोई नहीं आता फिर चाहे जान ही क्यों न चली जाए।
भगवान भरोसे यात्रियों की सुरक्षा
जब यात्रियों ने आरपीएफ जवान से लापरवाही की शिकायत की तो ठाकुर नामक जवान यात्रियों से ही उलझ गया और घायल यात्री को बिना जांच पड़ताल के शराबी घोषित कर दिया। यह सुन कर यात्री भड़क गए। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि मुंबई की लाइफलाइन कहलाने वाली लोकल ट्रेनों की सुरक्षा अब पूरी तरह भगवान भरोसे है। रेलवे प्रशासन से अब जनता सिर्फ एक सवाल पूछ रही है जब अलर्ट पर भी ये हाल है, तो सामान्य दिनों में आम यात्रियों की सुरक्षा का क्या भरोसा?

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