-किसानों के खातों में तत्काल राशि जमा करने की उठाई मांग
-किसानों के साथ बैठक में घुसे शिवसैनिक हक्के-बक्के रह गए पालकमंत्री
सामना संवाददाता / मुंबई
किसानों को समग्र रूप से कर्जमाफी मिलनी चाहिए। इसी मांग को लेकर शिवसेना ने आक्रामक रुख अपनाया है। इसी मांग के तहत कल बुलढाणा में शिवसैनिकों ने किसानों के साथ गुप्त रणनीति के तहत जिला नियोजन समिति की बैठक में प्रवेश किया। किसानों को कर्जमाफी मिले, अतिवृष्टि प्रभावित किसानों को प्रति हेक्टेयर ५०,००० रुपए मदद दी जाए और क्षतिपूर्ति की राशि तुरंत उनके खातों में जमा की जाए। इस तरह की जोरदार नारेबाजी से जिलाधिकारी कार्यालय गूंज उठा। शिवसैनिकों और किसानों के इस उग्र रूप को देखकर बैठक में मौजूद पालकमंत्री और सह पालकमंत्री भी हक्के-बक्के रह गए।
बता दें कि बुलढाणा जिले में किसानों की खेती और भारी बारिश के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। लेकिन नियमों की बाधाओं का हवाला देकर सरकार ने अब तक उन किसानों के खातों में मदद नहीं जमा की, इससे किसानों में भारी गुस्सा है। शिवसेना ने दो दिन पहले ही चेतावनी दी थी कि नुकसान भरपाई की राशि किसानों के खातों में तुरंत जमा करें, अन्यथा हम जिला नियोजन समिति की बैठक में घुसेंगे। इसी क्रम में कल बुलढाणा जिलाधिकारी कार्यालय में राज्य के मदद और पुनर्वसन मंत्री, पालकमंत्री मकरंद पाटील और सह पालकमंत्री संजय सावकारे की उपस्थिति में जिला नियोजन समिति की बैठक आयोजित की गई। इसमें जिले के सभी जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे।
पुलिस अधिकारियों ने की मध्यस्थता
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई। इसके तहत शिवसैनिकों और किसानों के प्रतिनिधिमंडल को पालकमंत्री पाटील से मिलने का अवसर दिया। इसके बाद शिवसैनिकों ने संयमित रुख अपनाया। फिर शिवसैनिकों और किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने पालकमंत्री पाटील से मिलकर चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि किसानों की सभी मांगों को तुरंत पूरा किया जाए और नुकसान भरपाई उनके खातों में जमा की जाए। इस पर पालकमंत्री पाटील ने आश्वासन दिया कि किसानों को हर संभव मदद दी जाएगी। शिवसैनिकों के आक्रामक रुख के कारण प्रतिनिधिमंडल के बाहर निकलने तक किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई।
तनावपूर्ण हो गया माहौल
शिवसेना जिलाप्रमुख जालिंदर बुधवत, गजानन वाघ, शिवसेना राज्य प्रवक्ता जयश्री शेलके और जिला समन्वयक संदीप शेलके के नेतृत्व में शिवसैनिकों ने मुख्य प्रवेशद्वार पर चढ़कर बैठक में प्रवेश करने का प्रयास किया। उनके साथ बड़ी संख्या में किसान भी थे। विधानसभा संगठक सुनील घाटे गेट से अंदर उछलते हुए प्रवेश करने लगे, तब पुलिस और शीघ्र कार्रवाई दल के जवानों ने उन्हें रोका। इस दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया।
