मुख्यपृष्ठसमाज-संस्कृतिसंगीत साहित्य मंच द्वारा श्रावण मास विशेष काव्य संध्या संपन्न

संगीत साहित्य मंच द्वारा श्रावण मास विशेष काव्य संध्या संपन्न

सामना संवाददाता / ठाणे

साहित्यिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था संगीत साहित्य मंच द्वारा श्रावण मास विशेष काव्य संध्या का आयोजन वरिष्ठ साहित्यकार संयोजक रामजीत गुप्ता ने रविवार, 3 अगस्त को मराठी ग्रंथ संग्रहालय सभागृह ठाणे-पश्चिम में किया गया। समारोह की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. विधुभूषण त्रिवेदी ने किया तथा मुख्य अतिथियों में तिलक राज खुराना, पवन तिवारी, हौसला प्रसाद अन्वेषी, त्रिलोचन सिंह अरोरा, शिव प्रकाश जमदग्नपुरी, एन बी सिंह नादान, राम प्यारे सिंह रघुवंशी, राजीव मिश्र, राम स्वरुप साहू, अनिल कुमार राही, नंद लाल क्षितिज, शिल्पा सोनटक्के, लक्ष्मी यादव, वरिष्ठ पत्रकार नामदार राही एवं विशिष्ट अतिथियों में कवि एवं पत्रकार विनय शर्मा दीप, प्रोफेसर अंजनी कुमार द्विवेदी उपस्थित थे। गोष्ठी का शुभारंभ अधिवक्ता नेहा मिश्र नेह के सरस्वती वंदना से हुआ। तत्पश्चात सह संयोजक सदाशिव चतुर्वेदी ने कार्यक्रम की रूपरेखा का संचालन किया। कार्यक्रम दो भागों में विभक्त था, जिसमें प्रथम सत्र की अध्यक्षता सत्यभामा सिंह जिया तथा संचालन लालबहादुर यादव कमल ने किया तथा द्वितीय सत्र की अध्यक्षता श्रीधर मिश्र एवं संचालन उमेश मिश्र प्रभाकर ने किया। पत्रकार विनय शर्मा दीप ने बताया कि गोष्ठी की विशेषता श्रावण मास संबंधित गीतों, गजलों की प्रस्तुति के साथ कजरी गीत की महत्ता रही, जिसे श्रोताओं ने खूब सराहा और दाद दी। उपस्थित साहित्यकारों में शिवप्रकाश जमदग्निपुरी से कजरी गीत का शुभारंभ हुआ। तत्पश्चात पल्लवी रानी, जागृति सिन्हा ‘अजय’, ताज मोहम्मद, सुमित्रा गुप्ता, ओमप्रकाश सिंह, शिल्पा सोनटक्के, शारदा प्रसाद दूबे, कल्पेश यादव, सीमा त्रिवेदी, किरन तिवारी, अजय कुमार सिंह, द्वितीय सत्र में राजीव मिश्र के कजरी गीत से शुभारंभ किया, तत्पश्चात नेहां मिश्र, राम कृष्न गुप्ता, हीरालाल यादव, अरुण प्रकाश अनुरागी, गुरु प्रसाद गुप्ता, डाॅ. एम के खान, रामजीलाल वर्मा, ओमप्रकाश सविता, बाबुल्ले शर्मा, ओमप्रकाश तिवारी एवं अधिवक्ता अनिल शर्मा सहित उपस्थित सभी मंचासिन अतिथियों ने काव्य पाठ किया। संयोजक रामजीत गुप्ता ने अपनी पसंदीदा कजरी सुनाई तत्पश्चात कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विधु भूषण त्रिवेदी ने कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए कार्यकारिणी पदाधिकारियों का मनोबल बढ़ाया। अंत में सह संयोजक सदाशिव चतुर्वेदी ने उपस्थित सभी अतिथि साहित्यकारों का आभार ज्ञापित कर राष्ट्रगान के साथ काव्य संध्या का समापन किया।

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