कहते हैं सफलता का रास्ता किसी भी कलाकार के लिए आसान नहीं होताा। कई बार कलाकार मजबूरी में ‘ना’ नहीं कह पाने के कारण अनाप-शनाप रोल कर लेते और उसका खामियाजा उन्हें आगे चलकर भुगतना पड़ता है। खैर, १५वें इंडिया फिल्म प्रोजेक्ट में भाग लेनेवाली ऋचा चड्ढा ने अपने मुश्किल दौर के बारे में बेबाकी से बात करते हुए बताया कि जब मैंने फिल्म ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ की थी, तो उस दौरान मैं बहुत परेशान चल रही थी। एक डायरेक्टर ने मुझसे कहा कि तुमने एक बूढ़ी औरत का रोल किया है, कोई तुम्हें कास्ट नहीं करेगा इसलिए ये करो।’ ऋचा ने मजबूरी में उस रोल के लिए ‘हां’ कहते हुए एडवांस में पैसे तो ले लिए, लेकिन बाद में जब किसी ने उन्हें समझाया कि ‘वासेपुर’ जैसी सफल फिल्म के बाद इस तरह का रोल उनके करियर के लिए ठीक नहीं है, तो उन्होंने तुरंत उस रोल के लिए मना करते हुए डायरेक्टर को पैसे लौटा दिए। ऋचा ने आगे कहा कि उस दिन मुझे समझ में आया कि ‘ना’ कहने की ताकत कितनी बड़ी होती है। अगर वो फिल्म कर लेती तो शायद आज मैं यहां नहीं होती।’
