मुख्यपृष्ठसमाचारजनसहभागिता बिना सोशल ऑडिट अर्थहीन -एमएलसी 

जनसहभागिता बिना सोशल ऑडिट अर्थहीन -एमएलसी 

•उतुरी में मनरेगा के तहत सोशल ऑडिट की बैठक

सामना संवाददाता / सुल्तानपुर

सोशल ऑडिट का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और जनभागीदारी सुनिश्चित करना है। इसलिए सोशल आडिट टीम के सदस्य इस बात को लेकर संवेदनशील रहें कि जो भी कार्य किए जांय वो पूर्ण सहभागिता के साथ। ये कहना है एमएलसी शैलेंद्र प्रताप सिंह का। वे मंगलवार को दूबेपुर के उतुरी गांव में मनरेगा को लेकर सोशल ऑडिट बैठक को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में मनरेगा से जुड़ी योजनाओं के पारदर्शी क्रियान्वयन पर विस्तृत चर्चा की गई। एमएलसी सिंह ने कहा कि सोशल ऑडिट का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और जनभागीदारी सुनिश्चित करना है। इसलिए सोशल ऑडिट टीम के सदस्य इस बात को लेकर संवेदनशील रहें कि जो भी कार्य किए जाएं वह पूरी सहभागिता के साथ किए जाएं। सिंह ने उपस्थित जॉबकार्ड धारकों से पूछा कि मजदूरी आप सभी को समय पर मिलती है ? इसपर जवाब मिला कि हां, मजदूरी मिलती है।

इस अवसर पर प्रधान प्रेमदा सिंह एवं प्रधान प्रतिनिधि जयप्रकाश सिंह ने सभी आगंतुकों का स्वागत करते हुए ग्राम विकास के लिए मनरेगा योजनाओं की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। बैठक में रोजगार सेवक कुंवर किंकर सिंह, तकनीकी सहायक सुनीता सिंह एवं ब्लॉक सोशल कोऑर्डिनेटर विजय सिंह सहित कई अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सोशल ऑडिट टीम द्वारा विभिन्न कार्यों की समीक्षा प्रस्तुत की गई और ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी दी गई।

इस मौके पर पूर्व जिला पंचायत सदस्य बृजेंद्र कुमार, दिलीप पाल, विनोद सिंह, अभिषेक सिंह, आलोक सिंह, सहदीन, कौशर अली, शाहिद अली, तबरेज, मनीषा, गीता, रूही आदि सम्मानित नागरिक उपस्थित रहे। बैठक के अंत में उपस्थित विशिष्टजन को प्रधान प्रतिनिधि जयप्रकाश सिंह द्वारा सम्मानित किया गया और पारदर्शी कार्यप्रणाली अपनाने का संकल्प लिया गया।

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