प्रियंका गांधी वाड्रा ने पीएम मोदी के बयान पर पलटवार किया है। पीएम मोदी ने सत्र शुरू होने से पहले कहा कि सदन में ड्रामा नहीं डिलीवरी होनी चाहिए। इसी मुद्दे पर रिएक्ट करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि मुद्दों पर बोलना और उन्हें उठाना ड्रामा नहीं है।
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि चुनाव की स्थिति, एसआईआर और प्रदूषण बहुत बड़े मुद्दे हैं। आइए उन पर चर्चा करें। संसद किस लिए है? यह ड्रामा नहीं है। मुद्दों पर बोलना और उन्हें उठाना ड्रामा नहीं है। ड्रामा का मतलब है कि चर्चा न होने देना। प्रियंका वाड्रा ने ये बातें पीएम मोदी के उस कमेंट पर कहीं, जो उन्होंने संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत से पहले की थी।
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को मीडिया को संबोधित करते हुए साफ कहा कि संसद परिसर में ड्रामा करने के लिए बहुत जगहें हैं, लेकिन सदन में हंगामे की कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि सदन में ड्रामा नहीं डिलीवरी होनी चाहिए। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों, खासकर विपक्ष से अपील की कि वे सत्र को सुचारू और गरिमामय तरीके से चलाने में सहयोग दें। इसी के जवाब में वायनाड से कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा कि मुद्दों पर बोलना और उन्हें उठाना ड्रामा नहीं है।
देश की मुख्य विपक्षी पार्टी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री का संसद सत्र की शुरुआत से पहले बयान देना सिर्फ पाखंड है क्योंकि वह खुद सदन में मौजूद नहीं होते और विपक्ष से संवाद नहीं करते। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह दावा भी किया कि संसद में किसी गतिरोध के लिए खुद प्रधानमंत्री जिम्मेदार हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को विपक्ष पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह संसद को चुनावी हार के बाद हताशा निकालने का मंच बना रहा है।
‘सबसे बड़ा ड्रामेबाज ही ड्रामे की बात कर रहा है’
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘सबसे बड़ा ड्रामेबाज’ कहते हुए उनकी ‘ड्रामा नहीं, डिलीवरी’ वाली टिप्पणी पर कटाक्ष किया है। उन्होंने कहा, ‘सबसे बड़ा ड्रामेबाज ही ड्रामे की बात कर रहा है।’ संसद के शीतकालीन सत्र से पहले पीएम मोदी ने विपक्ष से नारेबाजी छोड़कर रचनात्मक बहस की अपील की थी, जिसे जयराम रमेश ने ‘पाखंड’ बताया।
