– एक दोस्त ने अस्पताल में दम तोड़ा
– एक ही मोहल्ले में थे रहने वाले
राजेश सरकार / प्रयागराज
तेज रफ्तार बाइक चलाने की वजह से चार दोस्तों की डिवाइडर पर लगे खंभे से टकरा कर दर्दनाक मौत हो गई। इनमें से एक दोस्त का बुधवार को जन्मदिन था। चारों ने घर में ही पार्टी की। इसके बाद शोभायात्रा देखने जा रहे थे। सभी एक ही बाइक पर सवार होकर निकले थे। तभी बाइक बेकाबू होकर बिजली के खंभे से टकरा गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, एक्सीडेंट इतना भयानक था कि चारों की बॉडी सड़क पर बिखर गई थी। खून सड़क पर बह रहा था। मांस के टुकड़े आसपास बिखरे हुए थे। हादसे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। चारों को एम्बुलेंस से एसआरएन अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर भेजा गया।
हादसा बुधवार देर रात प्रयागराज के शिवकुटी इलाके में ओल्ड कैंट स्कूल के पास हुआ। तीन लड़कों की रात में मौत हो गई। जबकि एक ने गुरुवार सुबह दम तोड़ा। चारों की उम्र 16 से 24 साल के बीच थी। पुलिस के मुताबिक, बाइक सवार युवक हेलमेट नहीं लगाए थे। गुरुवार दोपहर पोस्टमॉर्टम के
बाद बॉडी परिवार के सुपुर्द कर दी गई है। गुरुवार शाम को चारों दोस्तों के शव गांव में लाए गए तो कोहराम मच गया। घरों के बाहर अंतिम संस्कार की तैयारियां की जा रही थी। तेलियरगंज के रहने वाले शनि गौतम (16), गोलू (17), आदर्श (18) और आशुतोष (24) गहरे दोस्त थे। बुधवार को गोलू का जन्मदिन था। इसके बाद चारों दोस्तों ने पार्टी का प्लान बनाया। गोलू के घर में चारों ने केक काटा। इसके बाद चारों अपाचे से कटरा में रावण की शोभायात्रा देखने जा रहे थे। बाइक आशुतोष चला रहा था।
बाकी दोस्त पीछे बैठे हुए थे। ओल्ड कैंट स्कूल के पास बाइक बेकाबू हो गई और डिवाइडर पर लगे खंभे से टकरा गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे के वक्त स्ट्रीट लाइट बंद थी। खंभे से टकराने के बाद
चारों छिटककर सड़क पर गिरे।
डिवाइडर के दोनों तरफ दो-दो युवक बेजान पड़े थे। आदर्श भारत स्काउट एंड गाइड स्कूल में 12वीं में पढ़ाई करता था। वह घर का इकलौता बेटा था। उसके पिता अनिल कुमार की एक्सीडेंट में एक साल पहले मौत हो चुकी है। गोलू के पिता सुदामा गौतम मजदूरी करते हैं। शनि 10वीं पढ़ता था। उसके
पिता संजय गौतम ई-रिक्शा चलाते हैं। आशुतोष तेलियरगंज में नारियल पानी का ठेला लगाकर परिवार का खर्च चलाता था।शिवकुटी थाना प्रभारी ने बताया प्रथम दृष्टया पता चला है कि बाइक बिजली के खंभे से टकराने से हादसा हुआ है। घटनास्थल के सीसीटीवी खंगाले जा रहे हैं। आशुतोष के पिता तुलसीराम ने बताया वह प्रयागराज में रहकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करता था। पढाई में भी वह बहुत तेज था। उसने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया है। उसका सपना था कि वह सरकारी अफसर बने। इसलिए वह अपना खर्च उठाने के लिए मेरी दुकान में हाथ बंटाता था। सभी बेटों में आशुतोष सबसे अच्छा था। वह हमारा बहुत ध्यान रखता था।
