अनिल मिश्र / पटना
बिहार में चल रहे मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (एस आई आर) पर सुप्रीम कोर्ट में दायर विभिन्न याचिका पर सुनवाई करते हुए चुनाव आयोग द्वारा मांगे गए दस्तावेजों में आधार, वोटर आईडी और राशन कार्ड को शामिल करने करने के निर्णय देने और इतनी लेट यानी बिहार विधानसभा चुनाव के कुछ महीने पहले ही क्यों शुरू किया गया, जिसे और पहले शुरू किया जा सकता था कि टिप्पणी इंडिया गठबंधन की पहली जीत है।
उपर्युक्त बातें बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रतिनिधि सह प्रवक्ता प्रो. विजय कुमार मिट्ठू, पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष बाबूलाल प्रसाद सिंह, राम प्रमोद सिंह, दामोदर गोस्वामी, विपिन बिहारी सिन्हा, प्रद्युम्न दुबे, टिंकू गिरी, युवा कांग्रेस अध्यक्ष विशाल कुमार, मोहम्मद शमीम, मुन्ना मांझी आदि ने कहीं।
इन सभी नेताओं ने कहा की सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से पूछा की विशेष गहन पूनिरीक्षण की प्रकिया इतनी देर से क्यों शुरू की गई।
इन नेताओं ने कहा कि देश के जनमानस की आवाज लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, बिहार विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष, बिहार इंडिया गठबंधन के संयोजक तेजस्वी यादव सहित गठबंधन के कांग्रेस, राजद, सीपीआई, माले, सीपीआईएम, वीआईपी के अध्यक्ष ने एक स्वर में मतदाता सूची पूर्ण निरीक्षण की प्रकिया का एक स्वर में विरोध करते हुए इस निर्णय को वापस लेने की मांग किया। इन सभी नेताओं ने कहा कि अब सुप्रीम कोर्ट 28 जुलाई को इस मामले तारीख दी है।
