मुख्यपृष्ठविश्वपाकिस्तान में तनाव...इमरान खान की रिहाई के लिए पीटीआई का लॉन्ग मार्च

पाकिस्तान में तनाव…इमरान खान की रिहाई के लिए पीटीआई का लॉन्ग मार्च

-इस्लामाबाद में धारा १४४ लागू
७३ वर्षीय इमरान खान २०२३ से रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं और उनके खिलाफ १०० से अधिक मामले दर्ज हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद सरकार ने उन्हें निजी अस्पताल में शिफ्ट करने के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर की है, जिससे पीटीआई कार्यकर्ताओं में भारी गुस्सा है।
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पीटीआई संस्थापक इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर देश में राजनीतिक हलचल और तनाव चरम पर पहुंच गया है। इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ने इस्लामाबाद की ओर एक विशाल ‘लॉन्ग मार्च’ शुरू किया है, जिसके जवाब में शहबाज शरीफ सरकार ने राजधानी इस्लामाबाद में धारा १४४ लागू कर दी है। वार्ता की विफलता: सरकार और पीटीआई नेताओं के बीच शनिवार रात से रविवार तड़के तक चली दो दौर की मैराथन बातचीत बिना किसी समझौते के समाप्त हो गई। मुख्य गतिरोध इमरान खान तक पहुंच और उनके लिए निजी डॉक्टर द्वारा जांच की अनुमति को लेकर बना हुआ है।
लॉन्ग मार्च की शुरुआत: बातचीत विफल होने के बाद, पीटीआई समर्थकों ने ४ अक्टूबर को खैबर पख्तूनख्वा के लक्की मरवत (गांधी चौक) से लगभग २७५ किलोमीटर लंबा मार्च शुरू किया, जो विभिन्न चरणों में होता हुआ इस्लामाबाद की ओर बढ़ रहा है। कड़े सुरक्षा इंतजाम: प्रदर्शनकारियों को राजधानी में प्रवेश करने से रोकने के लिए पुलिस और सुरक्षा बलों ने संसद परिसर तथा प्रमुख राजमार्गों को शिपिंग कंटेनरों के माध्यम से सील कर दिया है। बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां: पीटीआई का दावा है कि प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए उनके लगभग २,००० कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया है। इस्लामाबाद प्रशासन ने नागरिकों को किसी भी गैर-कानूनी गतिविधि या सभा में शामिल न होने की चेतावनी दी है, जबकि पीटीआई अपनी मांगों को लेकर मार्च को आगे बढ़ाने पर अड़ी हुई है।

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