सामना संवाददाता / नई दिल्ली
दिल्ली में भाजपा की दो सरकारें चल रही हैं। एक है केंद्र सरकार और दूसरी है दिल्ली सरकार। इन दोनों के राज में दिल्ली के पर्यावरण का हाल काफी बुरा हो गया है। ऐसे में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने दिल्ली में प्रदूषण के बढ़ते लेवल को लेकर चिंता जताते हुए कहा है कि राजधानी की हवा में दम घुटता है इसलिए वे दिल्ली आने से पहले वापस जाने की सोचते हैं।
केंद्रीय मंत्री ने मंगलवार को कहा कि दिल्ली में प्रदूषण का स्तर यहां के लोगों की जीवन प्रत्याशा को कम कर रहा है। गडकरी गौतमबुद्ध नगर में ‘एक पेड़ मां के नाम २.०’ नामक पौधारोपण अभियान में हिस्सा लेने आए हुए थे। गडकरी ने दिल्ली के प्रदूषण पर चिंता जताते हुए कहा कि मैं दिल्ली में दो या तीन दिन ही रहता हूं। जब आता हूं तो सोचता हूं कि कब यहां से जाना है। मैं पहले जाने का टिकट निकालता हूं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आपको इस मुद्दे को गंभीरता से लेना चाहिए। दिल्ली में जो प्रदूषण है, उसके कारण आम आदमी का जीवन कम होता जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली के चार लैंडफिल साइट से लगभग ८० लाख टन कचरे का उपयोग हाईवे निर्माण के लिए किया जाता है। उन्होंने दावा किया कि हमने गाजीपुर लैंडफिल की ऊंचाई ७ मीटर कम कर दी है।
