मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में कफ सिरप से हुई बच्चों की मौत के मामले में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राज्य सरकार और केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पटवारी ने कहा कि १० साल से कम उम्र के ५०० से अधिक बच्चों की मौत के कारण स्पष्ट नहीं हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इस बात की सीबीआई जांच नहीं होनी चाहिए? उन्होंने कहा, १५८ बोतल कोल्ड्रिफ कफ सिरप बिकने का रिकॉर्ड है। बाकी बोतलें कहां गईं? उन्हें पीने वाले बच्चों की स्थिति क्या हुई? एसआईटी को इसकी जांच करनी चाहिए।
पटवारी ने कहा कि १९ तारीख को नागपुर के स्वास्थ्य विभाग ने मध्य प्रदेश सहित देश के सभी स्वास्थ्य विभागों को रेड अलर्ट जारी किया था, जिसमें चेतावनी दी गई थी कि एक संदिग्ध बीमारी से बच्चों की मौत हो रही है। उन्होंने कहा कि जब तक इस कफ सिरप को बैन किया गया, तब तक छिंदवाड़ा में ८ और बच्चों की मौत हो चुकी थी। हमारी सरकार उस समय सोई हुई थी। पटवारी ने दावा किया कि नागपुर में ८ बच्चे भर्ती थे और उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया था कि तुरंत वहां जाएं, लेकिन मुख्यमंत्री नहीं गए। उन आठ में से ६ बच्चों की मौत हो गई और अब तक लगभग २५ बच्चों की जान जा चुकी है।
नड्डा के पीएस के दोस्त पर आरोप
पटवारी ने एक गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सोनू राणा नाम का व्यक्ति, जो जेपी नड्डा के पीएस आदित्य का दोस्त है, वह मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में लगातार हस्तक्षेप कर रहा है। उन्होंने सवाल किया कि उसका राज्य के स्वास्थ्य प्रमुख सचिव से क्या संबंध है? पटवारी ने मांग की कि पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच होनी चाहिए।
