-दुबई में कराया था उनका धर्मांतरण
सामना संवाददाता / लखनऊ
धर्मांतरण जिहाद की एक घिनौनी तस्वीर सामने आई है। इस रैकेट का सरगना छांगुर बाबा के बारे में एक नया खुलासा हुआ है। पता चला है कि छांगुर बाबा कार की बैक सीट पर नीतू संग गुलछर्रे उड़ाता था, जबकि नीतू का पति नवीन कार को ड्राइव करता था। ये दोनों पति-पत्नी मुंबई के रहनेवाले थे, जिन्हें फांसकर छांगुर ने उनका धर्मांतरण कर दिया था।
नीतू मुंबई में अपने पति नवीन वोहरा के साथ छांगुर बाबा के संपर्क में आई थी। उसने बाबा को बताया था कि उसे मानसिक तौर पर कुछ दिक्कतें हैं और साथ ही प्रेग्नेंसी में भी परेशानी है। कथित तौर पर उसकी तमाम दिक्कतों को छांगुर बाबा ने ठीक कर दिया था। उसी के बाद से वह बाबा की मुरीद हो गई और फिर बाबा के साथ ही रहने लगी। फिलहाल ये सभी गिरफ्तार हैं।
अंगूठी ले आई करीब
नीतू का मर्ज जानने के बाद छांगुर ने उसे दवाइयों के साथ एक अंगूठी भी दी थी। फायदा होने पर नीतू, छांगुर से काफी प्रभावित हो गई थी। इसके बाद वह कई बार उससे मिलने के लिए गई। बाद में छांगुर ने नीतू और उसके पति नवीन वोहरा को दुबई ले जाकर उनका धर्मांतरण करवा दिया था। नवीन को अपना नाम जमालुद्दीन दिया, जबकि नीतू को नसरीन बना दिया।
दोनों बाबा के राजदार
धर्मांतरण के बाद नीतू और नवीन दोनों बाबा के करीबी और राजदार बन गए। बलरामपुर स्थित कोठी भी नसरीन के ही नाम पर थी। छांगुर का बेटा महबूब भी इस काम में शामिल साथ था। नीतू उर्फ नसरीन को छांगुर बाबा अपनी पत्नी की तरह रखता था और लगातार धर्मांतरण करवाने में जुटा हुआ था।
नीतू के नाम पर ८ बैंक खाते
जांच में पता चला कि नीतू उर्फ नसरीन के नाम पर ८ बैंक खाते खोले गए थे। इनमें ५ करोड़ से ज्यादा की रकम संदिग्ध स्रोतों से आई थी। नवीन उर्फ जमालुद्दीन के खातों में विदेश से ३४ करोड़ रुपए ट्रांसफर हुए।
