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महायुति में ‘मित्रता’ की पोल खुली … भाजपा-शिंदे गुट के विधायकों में ठनी!

एकजुटता पर खड़े हो रहे हैं सवाल
सामना संवाददाता / मुंबई
महाराष्ट्र की राजनीति में महायुति की सतह के नीचे दरारें और गहरी होती जा रही हैं। स्थानीय निकाय चुनावों की आंच ने भाजपा और शिंदे गुट के विधायकों के बीच छिपे तनाव को खुली जंग में बदल दिया है। कोकण से लेकर भंडारा तक गठबंधन साझीदार एक-दूसरे के खिलाफ मैदान में उतरे हुए हैं, जिससे सरकार की एकजुटता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
हाल ही में भंडारा के शिंदे गुट के विधायक नरेंद्र भोंडेकर ने भाजपा विधायक परिणय फुके के खिलाफ सीधी शिकायत उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तक पहुंचाई है। उनका आरोप है कि भाजपा नेता महायुति की मर्यादाओं का उल्लंघन कर रहे हैं, जबकि शीर्ष नेता संयम बरतने की दुहाई देते हैं। इसी तरह हिंगोली और कोकण में भी आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। इन घटनाओं ने महायुति की ‘कागजी मित्रता’ की पोल खोल दी है। नगर पंचायत और नगर परिषद चुनावों के दौरान शिंदे गुट और भाजपा के विधायकों के बीच विवाद चरम पर हैं। कोंकण में निलेश राणे ने भाजपा को चुनौती दी है, तो हिंगोली में विधायक संतोष बांगर ने भाजपा विधायक तानाजी मुटकुले के खिलाफ मुक्का तान लिया है। अब भंडारा जिले में भी विधायक नरेंद्र भोंडेकर भाजपा विधायक परिणय फुके के विरोध में आक्रामक हो गए हैं। भोंडेकर और फुके के बीच तनाव चुनाव के समय और बढ़ गया है। विधायक भोंडेकर ने फुके की शिकायत सीधे उप मुख्यमंत्री शिंदे से की है और मुख्यमंत्री से इस विषय पर बात करने का आग्रह किया है। भोंडेकर ने कहा है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उप मुख्यमंत्री अजीत पवार कभी भी एक-दूसरे की आलोचना नहीं करते। गठबंधन को कायम रखने के लिए वे हमेशा संयम से बोलते हैं, लेकिन भाजपा के विधायक इसके उलट व्यवहार करते हैं। हमारे जिले में सिर्फ नाम के लिए मैत्रीपूर्ण माहौल है, जबकि राजनीति का स्तर गिरता जा रहा है।
विवाद बढ़ने की आशंका
विधान परिषद चुनाव में जब मतदान की जरूरत होती है, तो हम महायुति के तौर पर सारी मदद करते हैं। लेकिन जब हमारा समय आता है, हमें जरूरत होती है, तो शिंदे गुट के लिए दरवाजे बंद कर दिए जाते हैं। शिंदे गुट राज्य की सत्ता में है। शिंदे गुट के पास भी उम्मीदवार हैं। यह कहते हुए भोंडेकर ने भाजपा के स्थानीय विधायकों की शिकायत की। इससे भंडारा जिले में शिंदे गुट और भाजपा नेताओं के बीच आंतरिक विवाद बढ़ने की चर्चा है।
नहीं सुन रहे भाजपा नेता
राज्य में हमारी महायुति है। स्थानीय चुनावों में भी गठबंधन कायम रहना चाहिए। मैत्रीपूर्ण लड़ाई होते हुए भी एक-दूसरे पर आरोप न लगाएं, संयम बरतें, गठबंधन के भीतर विवाद बढ़ने न पाए, इसका भान रखें। इस तरह की सलाह मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने दी है। लेकिन घटक सहयोगियों का आरोप है कि भाजपा के ही नेता उसे नहीं मानते।

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