-ब्लिंकिट के डार्क स्टोर पर एफडीए का छापा
-फल-सब्जियों में मिले कॉकरोच और एक्सपायर्ड पदार्थ
सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबईकरों की थाली और सेहत के साथ खिलवाड़ करने वालों पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। क्विक कॉमर्स कंपनी ब्लिंकिट के मालाड-पश्चिम स्थित एक डार्क स्टोर पर एफडीए की अचानक हुई कार्रवाई ने खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रामचंद्र लेन स्थित स्टोर के निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को कथित तौर पर ताजी सब्जियों और फलों के पास कॉकरोच दिखाई दिए। परिसर में गंदगी के साथ एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री भी पाए जाने की जानकारी सामने आई है।
खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाए जाने के बाद संबंधित डार्क स्टोर का फूड लाइसेंस निलंबित कर दिया गया। निलंबन लागू रहने तक स्टोर से खाद्य पदार्थों की बिक्री और वितरण पर रोक रहेगी। एफडीए की कार्रवाई से साफ है कि ऑनलाइन ऑर्डर और तेज डिलीवरी के नाम पर खाद्य गुणवत्ता से समझौता करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
डेयरी उत्पादों पर भी एफडीए का वार
मिलावटखोरी के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान में एफडीए ने दूध और डेयरी उत्पादों की जांच के दौरान १४,३७८ लीटर उत्पाद जब्त किए, जिनकी अनुमानित कीमत करीब ९३.२६ लाख रुपए बताई गई है। खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई से मिलावटखोरों में हड़कंप मचा है। इधर, भिवंडी स्थित अमेजन के वेयरहाउस पर भी पूर्व में कार्रवाई की जा चुकी है और उससे जुड़ा मामला बॉम्बे हाई कोर्ट में विचाराधीन बताया गया है। एफडीए का संदेश स्पष्ट है-ऑनलाइन डिलीवरी प्लेटफॉर्म, रिटेल आउटलेट या होटल-रेस्तरां, किसी भी प्रतिष्ठान में खाद्य सुरक्षा नियमों की अनदेखी मिली तो कार्रवाई होगी। सवाल यह है कि जिस खाद्य सामग्री को सीधे मुंबईकरों की रसोई तक पहुंचाया जा रहा है, उसकी गुणवत्ता की नियमित निगरानी आखिर कितनी सख्ती से हो रही है?
बिक्री और वितरण पर लगी रोक
मालाड के रामचंद्र लेन स्थित ब्लिंकिट डार्क स्टोर की एफडीए जांच में कथित तौर पर कॉकरोच, गंदगी और एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री मिलने की जानकारी सामने आई। कार्रवाई के बाद खाद्य लाइसेंस निलंबित कर दिया गया। निलंबन अवधि में स्टोर से खाद्य पदार्थों की बिक्री और वितरण पर रोक रहेगी।
१४,३७८ लीटर डेयरी उत्पाद जब्त
मिलावटखोरी के खिलाफ एफडीए के विशेष अभियान में दूध और डेयरी उत्पादों की जांच के दौरान १४,३७८ लीटर उत्पाद जब्त किए गए। इनकी अनुमानित कीमत ९३.२६ लाख रुपए बताई गई है। एफडीए ने संकेत दिया है कि खाद्य सुरक्षा से समझौता करने वाले प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
