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कलाकार की भूख कभी नहीं मरती!-नैनी काजमी

बहुआयामी प्रतिभा की धनी नैनी काजमी वर्तमान में यूनिटी इंटरनेशनल एंड म्यूजिक कंपनी की सीईओ के पद पर कार्यरत हैं। जो पूर्व में फिल्म राइटर एसोसिएशन की ज्वाइंट सेक्रेटरी के पद को भी सुशोभित कर चुकी हैं। आठ सौ से अधिक भजन लिख गिनीज बुक रिकॉर्ड बनानेवाली नैनी दुबई के तबीब अवॉर्ड से सम्मानित हो ब्रिटिश पार्लियामेंट में फिल्म निर्माताओं के हितों में आवाज बुलंद कर चुकी हैं। प्रस्तुत है, नैनी काजमी से सोम मिश्रा ‘शिवम’ की हुई बातचीत के प्रमुख अंश।
आपके हालिया रिलीज गाने की बढ़ती लोकप्रियता को आप कैसे देखती हैं?
हाल ही में मेरा एक गाना अमेरिकी म्यूजिक कंपनी रेंमडम पर रिलीज हुआ है, जिसके बोल हैं- ‘तेरे मिलने से रास्ते चलने लगे।’ शान और अलका भटनागर की आवाज में सजे इस गीत का म्यूजिक निखिल कामल ने दिया है। मेरा यह गीत अमेरिकी फीचर फिल्म ‘मिस मैच’ में फिल्माया गया है। इसकी शूटिंग लास वेगास में हुई है, जिसमें मुख्य भूमिका में रोशनी दत्त और साहिल राठौर हैं। इसका निर्देशन अनिल गौर ने किया है, जिसे यूट्यूब पर काफी सराहा जा रहा है।
कैलिफोर्निया से जुड़कर आप जो प्रोजेक्ट कर रही हैं, उसके बारे में कुछ बताएंगी?
रेडियो मिर्ची रेडियो पंजाब १३:१० एएम कैलिफोर्निया से हमारा प्रोग्राम सितारों की दुनिया प्रस्तुत होता है। यह हर शनिवार सुबह ८:०० बजे से १०:०० बजे तक अमेरिका में और रविवार सुबह ८:३० से १०:३० तक हिंदुस्थान में सुना जा सकता है। इसमें विभिन्न क्षेत्र की कामयाब हस्तियों से मुलाकात और उनके पसंदीदा गाने भी सुनवाए जाते हैं, जिसे होस्ट अजमेर राणा और मैं स्वयं करती हूं। हमारे प्रोग्राम में नवाब आरजू, जसवंत सिंह, पुष्पा वर्मा जैसी तमाम हस्तियां शामिल हो चुकी हैं।
गीतकार और फिल्म राइटर होने के साथ-साथ आप फिल्म निर्मात्री भी हैं। ऐसे में आप किसे प्राथमिकता देना चाहेंगी?
देखिए टैलेंट और निर्माण दो अलग-अलग चीजें हैं। मैं जन्मजात गीतकार और लेखिका हूं, आज आर्टिस्ट को अपना टैलेंट जहां दरवाजे-दरवाजे जाकर बेचना पड़ता है, ऐसे में मैंने निर्माण के क्षेत्र में स्वयं कदम बढ़ाया और प्रतिभावानों को साथ लेकर यहां तक का सफर तय किया। मेरी कोशिश रहेगी कि मैं अपने लेखन कार्य के साथ-साथ निर्माण कार्य को और गति दूं, ताकि नए कलाकारों को मंच दे सकूं।
फिल्म जगत में अब तक तय किए गए सफर से आप कितनी संतुष्ट हैं?
वर्ष १९९५ में यूपी के नगीना, बिजनौर से निकलकर मैंने मायानगरी मुंबई में कदम रखा। मेरे घर का माहौल फिल्मी और साहित्यिक रहा इसीलिए ज्यादा रुकावटें नहीं आर्इं। मेरे पिता मोहम्मद आजम काजमी एक शायर थे और मेरे भाई आलम काजमी एक कवि एवं कलाकार। नाना शम्स लखनवी एक मशहूर लेखक थे, जिन्होंने ‘अंदाज’, ‘दुलारी’, ‘झांसी की रानी’, ‘नवरंग’ और ‘सेहरा’ आदि वी. शांताराम की फिल्में लिखीं, जो सफल रहीं। इसके अतिरिक्त मेरे मामा ने ‘सनम तेरी कसम’, ‘सनम’, ‘आपकी खातिर’, ‘दिल्लगी’ जैसी फिल्में लिखीं हैं। मैंने ‘टी. सीरीज’ के एलबम ‘रिश्ता’, जिसे अनुराधा पौडवाल और जसवंत सिंह ने गाया, से शुरुआत की। मैंने ‘वीनस’ के साथ भी काम किया है। सच कहूं तो एक आर्टिस्ट की काम करने की भूख कभी नहीं मरती।
अपनी भविष्य की योजनाओं के बारे में कुछ बताएंगी?
मेरी फिल्म ‘ए प्रâीडम फाइटर’ लगभग पूरी हो चुकी है, जिसमें परवेज आलम, ज्योति सिन्हा मुख्य भूमिका में हैं। भविष्य में नई प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देकर अपनी कहानियों से समाज का दर्शन कराना मेरी प्राथमिकता रहेगी।

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