मनोज श्रीवास्तव / लखनऊ
कॉरिडोर और सुंदरीकरण के नाम पर काशी के घाटों, मंदिरों में तोड़-फोड़ की खबरों से नाराज समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा को हेरिटेज और संरक्षण की समझ नहीं है और वह इतिहास मिटाकर अपना इतिहास बनाना चाहती है। अखिलेश यादव ने कहा कि काशी का मंदिर बेहद प्राचीन और सुंदर था, लेकिन भाजपा ने पूरे काशी का बुरा हाल कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि काशी न क्योटो बना और न काशी अपनी पहचान बचा पाई। भाजपा को किसी के अच्छे काम भी पसंद नहीं आते और यह लोग सब कुछ तोड़ देना चाहते हैं।
अखिलेश ने कहा कि धरती पर शायद ही किसी राजा ने इतने मंदिर तोड़े हों, जितने भाजपा ने पौराणिक मंदिर तोड़े हैं। मंदिर तोड़कर ठेके दिए जाते हैं, फिर लागत का एस्टीमेट बढ़ाया जाता है और इसी प्रक्रिया से मुनाफा कमाया जाता है। उन्होंने दावा किया कि मुनाफाखोरी के लिए मंदिरों को तोड़ा जा रहा है। अखिलेश यादव के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है और भाजपा पर सीधे तौर पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। अखिलेश यादव ने कहा,’भाजपा को हेरिटेज समझ नहीं आती। किसी के अच्छे काम को भी यह पसंद नहीं करते। सोचिए किस जमाने का बना हुआ है काशी का मंदिर, बहुत सुंदर था। दुनिया में तमाम देश हैं ऐसी जहां इन्हें जाकर देखना चाहिए कि अपने पूर्वजों की चीजों का संरक्षण किया जाता है। उन्हें संरक्षण की परिभाषा समझ नहीं आती। यह पहली बार मंदिर तोड़े नहीं गए हैं। उन्होंने कहा, ‘हम एक मंदिर बना रहे हैं जिसमें भाजपा वाले टंगड़ी लड़ा रहे हैं। हर बार वह कुछ न कुछ करते हैं। यह वो लोग हैं जो सब तोड़ देना चाहते हैं। तोड़ देने में इन्हें लाभ हैं। क्योंकि अगर तोड़ देंगे तो किसी को ठेका देंगे, ठेका देंगे तो एस्टीमेट डबल बनवाएंगे, डबल बनवाएंगे तो मुनाफा कमाएंगे, मुनाफा कमाने के लिए मंदिरों को तोड़ा जा रहा है।’
