अनिल मिश्र / पटना
बिहार प्रदेश की राजधानी पटना में अपने विभिन्न मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे राज्यभर के छात्र, युवा, किसान पर बर्बर लाठियां बरसाने, पानी का बौछार करने की घटना अलोकतांत्रिक है। यह उपर्युक्त बातें बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रतिनिधि विजय कुमार मिट्ठू, पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष बाबूलाल प्रसाद सिंह, दामोदर गोस्वामी, टिंकू गिरी, आदि ने कहा कि राज्यभर के छात्र बिहार लोकसेवा आयोग के परीक्षा प्रणाली, विभिन्न शिक्षण संस्थानों के लेट लतीफ परीक्षा लेने, पूर्व के परीक्षाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार, अनियमितता, बी पी एस सी के परीक्षा नियंत्रक द्वारा हाथी चले बजार, कुर्ता भूके हजार वाली मुहावरा कह जाने पर भारी विरोध के कारण छात्रों को गलत कहने के लिए माफ़ी मांगने सहित टाउन सीप सेटेलाइट गांवों में रजिस्ट्री रुकने से आक्रोशित किसान अपने जायज मांगों को लेकर पटना के सड़कों पर थे। लाठियों की मार और पानी के बौछार से छात्र नेता गौतम और पुलिस उपाधीक्षक का सर फटने, किसान नेता कामाख्या नारायण सिंह का चेहरा चोटिल होना, आदि घटनाएं भारतीय लोकतंत्र में आमलोगों के अपने जायज मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार है। इस बीच इन सभी नेताओं ने कहा बिहार ही नहीं, बल्कि संपूर्ण देश के छात्र, युवा, किसान को यह विश्वास हो गया कि केंद्र और राज्य सरकार से अपनी मांगे मन वाने हेतु बिना आंदोलन का कोई रास्ता नहीं है।
