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‘गुंडागर्दी’ बढ़ा रहे हैं गृह राज्यमंत्री! …पुलिस आयुक्त ने नकारा फिर भी योगेश कदम ने गुंडे को दिया पिस्टल का लाइसेंस

सामना संवाददाता / मुंबई
महाराष्ट्र में महायुति सरकार के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इन दिनों राजनीति में व्यस्त हैं। राज्य की कानून व्यवस्था की उन्हें बिल्कुल भी फिक्र नहीं है। यही वजह है कि महायुति के शासन में पिछले कई महीनों से राज्य की कानून व्यवस्था बिहार से भी बदतर हो गई है। ऐसा होना स्वाभाविक भी है, क्योंकि राज्य के गृह राज्यमंत्री ही जब गुंडागर्दी को बढ़ावा दे रहे हैं तो उन्हें अपराध करने से कौन रोकेगा। जी हां, राज्य के गृह राज्यमंत्री योगेश कदम गुंडों को ही लाइसेंसी बंदूक पास करवा रहे हैं। पुलिस कमिश्नर जिस आवेदन को नकार रहे हैं, वे जबरन उसे पास कर रहे हैं।
मामला पुणे के एक गुंडे नीलेश का है। वह इस समय फरार होकर विदेश में है। एक तरफ उसके पासपोर्ट को लेकर विवाद खड़ा हुआ है, वहीं अब उसके भाई को पिस्टल का लाइसेंस मिलने से राजनीतिक हलकों में गृह राज्यमंत्री योगेश कदम पर गुंडागर्दी को बढ़ावा देने का आरोप लग रहा है। इस पिस्टल का लाइसेंस राज्य के गृह राज्यमंत्री योगेश कदम के हस्ताक्षर से जारी किया गया है। हालांकि, इस खुलासे के बाद गृह राज्यमंत्री योगेश कदम ने इस मामले पर स्पष्टीकरण दिया है। उन्होंने कहा कि नीलेश घायवल के भाई सचिन घायवल को सभी जांच-पड़ताल के बाद ही लाइसेंस दिया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस की आपत्ति के बावजूद सचिन घायव्ाल को यह लाइसेंस २० जून को जारी किया गया। खास बात यह है कि सचिन घायवल पर पहले से ही गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसके बावजूद लाइसेंस जारी होने से अब गृह राज्यमंत्री की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। उधर, कोथरूड के पूर्व विधायक रविंद्र धंगेकर ने नीलेश घायवल प्रकरण में मंत्री चंद्रकांत पाटील पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि घायवल को पाटील का संरक्षण प्राप्त है।

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