बंगाल, उत्तर प्रदेश समेत कई प्रदेशों में एसआईआर प्रक्रिया तेजी से चल रही है। तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो और बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेताओं ने एसआईआर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इसी बीच समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता तथा राज्यसभा सांसद और अखिलेश यादव के चाचा राम गोपाल यादव ने कड़ा रुख अपनाया है। संसद के शीतकालीन सत्र से एक दिन पहले यानी रविवार को सरकार की ओर से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक के बाद समाजवादी पार्टी के नेता राम गोपाल यादव ने कहा कि अगर, शीतकालीन सत्र के दौरान एसआईआर पर चर्चा नहीं हुई तो वह संसद नहीं चलने देंगे। सरकार एसआईआर पर चर्चा करने से नहीं कतरा सकती है, क्योंकि यह चुनाव आयोग द्वारा किया जा रहा है।
बता दें, १ दिसंबर यानी सोमवार से संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत होनी है, जो कि १९ दिसंबर तक चलेगा। कांग्रेस नेताओं ने मांग की है कि सोमवार से शुरू होने वाले संसद के शीतकालीन सत्र में विशेष गहन पुनरीक्षण, दिल्ली आतंकी हमले समेत देश के लोगों से जुड़े दूसरे जरूरी मुद्दों पर विस्तार में चर्चा होनी चाहिए।
केंद्रीय संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने रविवार को सभी राजनीतिक पार्टियों से अपील की कि वे संसद के आने वाले शीतकालीन सत्र के दौरान मर्यादा बनाए रखें। संसद की कार्यवाही में रुकावटों से बचें। उन्होंने उम्मीद जताई कि सांसद शांत दिमाग से काम करेंगे, ताकि कार्यवाही आसानी से हो सके।
सत्तापक्ष को घेरने की रणनीति
विपक्ष एसआईआर को लेकर सत्ता पक्ष को घेरने की रणनीति बना रहा है। सत्र के दौरान संसद के अंदर से लेकर बाहर तक एसआईआर पर विपक्ष का जबरदस्त प्रदर्शन देखने को मिल सकता है। वहीं, सरकार मदनी के जिहाद विवाद पर आक्रामक रुख अपना सकती है। सरकार परमाणु ऊर्जा विधेयक समेत १० विधेयक पेश कर सकती है।
