मुख्यपृष्ठनए समाचारखल गया गणित में कविता का प्रयोग करने वाले कवि श्रीश का...

खल गया गणित में कविता का प्रयोग करने वाले कवि श्रीश का जाना !

-दिवंगत साथी की श्रद्धांजलि सभा में भावुक हुए कविगण

सामना संवाददाता / सुल्तानपुर

कवि श्रीनारायण लाल श्रीवास्तव ‘श्रीश’ का निधन जनपद की अपूर्णनीय साहित्यिक क्षति है। यह बातें वरिष्ठ साहित्यकार आद्या प्रसाद सिंह प्रदीप ने कहीं।
वह अवधी मंच , कौंडिन्य साहित्य सेवा समिति व साहित्य कला संस्कृति सम्वर्धन न्यास के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कवि श्रीश श्रद्धांजलि समारोह को बतौर अध्यक्ष सम्बोधित कर रहे थे। आशुकवि मथुरा प्रसाद सिंह जटायु ने कहा कि श्रीश नेक इंसान थे। शिक्षा और साहित्य क्षेत्र में उनकी विशिष्ट पहचान है। दोनों क्षेत्रों में उन्हें उत्तर प्रदेश सरकार सहित विभिन्न महत्वपूर्ण संस्थाओं से सम्मान मिला था। संत तुलसीदास पीजी कालेज के पूर्व संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ सुशील कुमार पाण्डेय साहित्येन्दु ने कहा कि गणित का शिक्षक होने के साथ ही श्रीश काव्य कला में निष्णात थे। उनका अंदाजे बयां दिलकश और शायराना था।
संत तुलसीदास पीजी कालेज के हिन्दी विभागाध्यक्ष डॉ करुणेश प्रकाश भट्ट ने कहा कि कवि श्रीश के जीवन और साहित्य में सर्वत्र मानवता की सुगंध महसूस की जा सकती है। प्रयोगधर्मा कवि थे वे। राणाप्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर ज्ञानेन्द्र विक्रम सिंह ने कहा कि श्रीनारायण लाल श्रीश का व्यक्तित्व और कृतित्व प्रेरणादायक है। आने वाले दिनों में उनके साहित्य पर महत्वपूर्ण शोध होगा । रणवीर राजकुमार इंटर कालेज बरवारीपुर के प्रधानाचार्य सुभाष चन्द्र यादव परदेसी, पवन कुमार सिंह व ब्रजेश कुमार पाण्डेय इन्दु आदि ने श्रीश से जुड़े अपने संस्मरण सुनाए। दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

अन्य समाचार