मनोज श्रीवास्तव/लखनऊ
विधानसभा चुनाव 2027 से पहले उत्तर प्रदेश साम्प्रदायिक माहौल में डूबने लगा है। यदि जहर फैलने की गति पर लगाम न लगा तो यूपी बड़ी दुर्घटना के चपेट में आ सकता है। 20 सितंबर शुक्रवार को यूपी के दो जिलों में जुमा की नमाज के दौरान युवकों ने भड़काऊ नारे लगाए। भदोही और कौशांबी में संप्रदाय विशेष के लोगों ने जुलूस निकाला और सिर तन से जुदा के नारे लगाए। एक जिले में फ़िलस्तीन का झंडा भी लहराने का आरोप है। उधर, सूचना मिलने के बाद दोनों जिलों की पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच पड़ताल में जुट गई। पहला मामला भदोही जिले का है। जहां शुक्रवार को जुमा की नमाज के समय युवकों द्वारा सिर-तन से जुदा के नारे लगाए जाने व फ़िलस्तीन का झंडा लहराने पर पुलिस ने सख्त रवैया अपनाते हुए एक दर्जन से अधिक लोगों को हिरासत में लिया। चार दर्जन से अधिक अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि सोशल मीडिया पर जिले के औराई व भदोही नगर में फलस्तीन का झंडा लहरा जाने एवं सिर तन से जुदा के नारे लगाए जाने की खबरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही थी। इससे आपसी भाईचारा व सौहार्द बिगाड़ने साथ कानून व्यवस्था के लिए खतरा पैदा हो सकता है। मामले में लगभग डेढ़ दर्जन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। साथ ही चार दर्जन से अधिक अज्ञात लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि ला एंड आर्डर के खिलाफ किसी को भी खिलवाड़ करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
20 सितंबर शुक्रवार को ही दूसरा मामला कौशांबी जिले में हुआ। जहां शाम संप्रदाय विशेष के लोगों द्वारा निकाले गये जुलूस के दौरान भड़काऊ नारेबाजी की गयी। इस संबंध में पुलिस ने 15 से 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार शुक्रवार की शाम मंझनपुर कस्बा में समुदाय विशेष के जुलूस में शामिल लोगों ने ‘गुस्ताखे नबी की एक सजा, सिर तन से जुदा’ जैसे भड़काऊ और सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने वाले नारे लगाये। मुस्लिम समुदाय के (15-20) लोगों द्वारा जामा मस्जिद कस्बा मंझनपुर होते हुए नेहरू नगर तक हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी करते हुए जुलूस निकाला गया। जुलूस में शामिल लोग ऐसी भड़काऊ नारेबाजी करते हुए कर्बला तक आये। इस दौरान बनाये गये वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हिंदू संगठनों ने इस पर कड़ी आपत्ति जतायी और पुलिस को इस संबंध में शिकायत की। इसके बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए 15 से 20 अज्ञात व्यक्तियों पर मुकदमा अपराध संख्या 308/25 धारा 223,196 बीएनएस पर दर्ज कर लिया। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
इससे पहले शाहजहांपुर जनपद में 13 सितंबर शुक्रवार रात उस समय बवाल हो गया जब एक व्यक्ति द्वारा सोशल मीडिया पर धर्म विशेष और पैगंबर साहब के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया था। के के दीक्षित नामक युवक द्वारा की गई इस पोस्ट के बाद सदर बाजार थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।आरोपी की गिरफ्तारी के बावजूद मुस्लिम समुदाय के हजारों लोग सदर बाजार थाने के सामने एकत्र हो गए और थाने का घेराव कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने पथराव शुरू कर दिया, जिसके बाद पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा। लाठीचार्ज के दौरान भीड़ तितर-बितर हो गई, और कई लोग अपने जूते-चप्पल और बाइक छोड़कर भाग गये।एसपी राजेश द्विवेदी ने भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया।
इसके पहले बरेली में शुक्रवार 22 अगस्त को आला हजरत उर्स के दौरान सिर तन से जुदा नारा लगाकर सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले समूह के 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। यहां एक समूह में शामिल 20 अज्ञात लोग गुस्ताखे नबी की एक ही सजा सिर तन से जुदा-सिर तन से जुदा का नारा लगाते हुए जा रहे थे।इस कारण एक समुदाय में रोष फैल गया। माहौल बिगड़ते-बिगड़ते बचा।
