उमेश गुप्ता / वाराणसी
सावन के पावन अवसर पर वाराणसी में किन्नर समाज और अन्य समाज के लोगों ने मिलकर भव्य शोभायात्रा निकाली। शीतला घाट से शुरू हुई शोभायात्रा ढोल-नगाड़ों और भक्ति गीतों के बीच काशी विश्वनाथ मंदिर की ओर रवाना हुई। इस दौरान श्रद्धालु नाचते-झूमते हुए बाबा विश्वनाथ को जल चढ़ाने के लिए पहुंचे।
शोभायात्रा में विभिन्न प्रकार की झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। किन्नर समुदाय के लोगों ने भगवान शिव और माता पार्वती का स्वरूप धारण कर शोभायात्रा में हिस्सा लिया। पूरे रास्ते माहौल शिवभक्ति और धार्मिक जयकारों से गूंजता रहा।
किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर स्वामी कल्याणी ने कहा कि शोभायात्रा का संदेश सनातन धर्म को मजबूत करना और उसकी ध्वजा को आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि किन्नर समाज सनातन धर्म के लिए समर्पित होकर कार्य कर रहा है और सभी हिंदू समाज के लोगों से सनातन धर्म को आगे बढ़ाने की अपील है। उन्होंने काशी को भगवान भोलेनाथ की नगरी बताते हुए कहा कि काशी में आकर उन्हें आत्मिक शांति का अनुभव होता है।
वहीं महामंडलेश्वर कनकेश्वरी नंद गिरी ने बताया कि यह शोभायात्रा जजमानों की सुख-शांति, देश में शांति और समाज के कल्याण की कामना को लेकर निकाली जा रही है। शीतला घाट से जल उठाकर बाबा काशी विश्वनाथ का दर्शन-पूजन किया गया। उन्होंने कहा कि शोभायात्रा का मुख्य उद्देश्य जजमानों की सुख-शांति के साथ-साथ देश और समाज में सुख, शांति एवं कल्याण की कामना करना है।
सावन के महीने में निकली इस भव्य शोभायात्रा ने काशी की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा को एक बार फिर जीवंत कर दिया।
