-तोड़-फोड़ की इस घटना को लेकर पाल समाज सहित कांग्रेस के लोगों ने जताया विरोध
-भाजपा के विकास कार्य को विनाश कार्य की दी उपाधि
-सीएम योगी पहुंचे काशी…कांग्रेस के आरोप को नकारा…कहा-एआई के माध्यम से वीडियो बनाकर किया जा रहा है दुष्प्रचार
-विरोध में मार्च निकाल रहे दर्जनों कांग्रेसीयों को पुलिस ने लिया हिरासत में
उमेश गुप्ता /वाराणसी
काशी के मणिकर्णिका घाट पर चल रहे विकास कार्यों के दौरान तोड़-फोड़ को लेकर घमासान छिड़ चुका है, तोड़फोड़ की इस घटना को लेकर पाल समाज सहित कांग्रेस और सपा के लोग विरोध जता रहे हैं और इस विकास के कार्य को विनाश के कार्य की उपाधि दे चुके हैं वहीं दूसरी ओर इसके सफाई में भाजपा के विधायक को जनप्रतिनिधि के बाद सीएम योगी को भी आगे आना पड़ा। सीएम योगी ने तो प्रेस वार्ता कर ऐतिहासिक मणिकर्णिकाघाट पर चल रहे पुनरुद्धार कार्य के दौरान किसी भी प्रकार के मंदिर या देवी देवता के विग्रह को क्षतिग्रस्त के आरोप को खारिज करते हुए इसे कांग्रेस का षड्यंत्र बताया और कहा की विकास कार्यों की गति को देखते हुए कांग्रेस के लोग हतोत्साहित हो गये है और एआई के माध्यम से वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर वायरल करते हुए सनातन धर्म के लोगों में दुष्प्रचार कर रहे हैं।
वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के वाराणसी दौरे के दौरान मणिकर्णिका घाट से हटाई गई पुरातात्विक मूर्तियों को लेकर शनिवार को कांग्रेस ने प्रदर्शन करने की कोशिश की। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मूर्तियों के वास्तविक स्वरूप को सार्वजनिक करने की मांग करते हुए मार्च निकालने का ऐलान किया था, लेकिन पुलिस की सख्ती के चलते यह प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही रोक दिया गया। इस दौरान दो कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया, जबकि बाद में अन्य स्थानों से भी कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी की गई।
